सूरजपुर :- जिले के भैयाथान ब्लॉक के दर्जनों गांवों में धान का रोपा लगवाने के लिए दलाल स्कूली बच्चों को पैसों का लालच देकर मजदूरी पर ले जा रहे हैं। इसके कारण स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 8 से 10 तक सिमट गई है और पढ़ाई पूरी तरह पिछड़ रही है।
बारिश शुरू होते ही कोरिया जिले के पटना से डबरीपारा तक के बड़े किसान खाडापारा, दनौली, धरसेड़ी और बड़सरा जैसे गांवों से बच्चों और ग्रामीणों को पिकअप, ऑटो व स्कॉर्पियो में भरकर ले जा रहे हैं। खेतों में 12 से 15 साल के बच्चे भी रोपाई करते नजर आ रहे हैं। दलाल मजदूरों के लिए तय 500 रुपए दिहाड़ी में से 200 रुपए परिवहन के नाम पर काट लेते हैं। इस तरह 11 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बच्चों को केवल 300 रुपए ही मिल रहे हैं। इसके बावजूद श्रम विभाग मूकदर्शक बना लिखित शिकायत का इंतजार कर रहा है।
इधर गांव में बड़ी संख्या में बच्चों के लगातार स्कूल से अनुपस्थित रहने से शिक्षक भी चिंतित हैं। चार -पांच दिनों तक कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे तो शिक्षक उनके घरों तक पहुंचे, लेकिन अधिकांश घरों में कोई नहीं मिला। कुछ परिजनों ने बताया कि बच्चे उनके साथ काम पर गए हैं। शिक्षकों ने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की समझाइश दी, लेकिन इसका खास असर नहीं हुआ। कई अभिभावक छोटे-छोटे बच्चों को भी अपने साथ मजदूरी के लिए ले जा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
आईये समझते हैं की स्कूलों में कैसे घट रही संख्या :- गोबिंदगढ़ मिडिल स्कूल में पिछले 15 दिनों से 32 में केवल 13 बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। बाकी बच्चे रोपा लगाने गए हैं। हायर सेकेंड्री स्कूल बड़सरा में 162 में 83 बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। छात्रों ने बताया कि कई साथी पटना क्षेत्र में खेतों में रोपा लगाने गए हैं।
भैयाथान हायर सेकेंड्री स्कूल में 300 में से बीते बुधवार को केवल 76 बच्चे उपस्थित रहे। इससे पहले बसकर मिडिल स्कूल में 60 में सिर्फ 8 बच्चे पहुंचे थे। अगले 10-15 दिनों तक यही स्थिति रही तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। कम उपस्थिति को लेकर शिक्षक और प्राचार्य भी चिंतित हैं।
स्कूल के बच्चों को पिकअप में भरकर मजदूरी करवाने ले जाते हैं दलाल :- पांच लोगों की क्षमता वाले ऑटो में रोपाई के लिए दलाल 20 से 22 लोगों को भरकर ले जा रहे हैं। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं। कई बार ओवरलोड होने के कारण ऑटो घाट तक नहीं चढ़ पाता और यात्रियों को उतारकर आगे ले जाना पड़ता है। इसी तरह पिकअप वाहनों में भी करीब 50 लोगों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।
इस मामले को लेकर जिले के श्रम पदाधिकारी अभिषेक कुमार ठाकुर ने पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुऐ कहा कि इस मामले की जानकारी मुझे नहीं हैं, लेकिन आप लिखित शिकायत देंगे तो लेबर इंस्पेक्टर को भेजेंगे। श्रम विभाग, पुलिस, आईसीपीएस और चाइल्ड लाइन वाले संयुक्त कार्रवाई करते हैं। एक बार शिकायत कर दीजिए।