NEET-2026 प्रश्न पत्र लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन….
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संचालक :-दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर :- आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी आशिष कुशवाहा ने सोमवार को कलेक्टर सूरजपुर के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर NEET-2026 प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा तथा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी वर्षों की कठिन मेहनत, आर्थिक संसाधन और मानसिक दबाव के साथ शामिल होते हैं। ऐसे में बार-बार प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
आशिष कुशवाहा ने अपने ज्ञापन में वर्ष 2015 के AIPMT पेपर लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर परीक्षा दोबारा कराई गई थी। वहीं NEET-2024 में भी प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए, जिसकी जांच CBI को सौंपी गई। अब NEET-2026 को लेकर भी प्रश्नपत्र लीक और संगठित गिरोहों की संलिप्तता के आरोप सामने आने से परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि यह भी जांच हो कि NTA की सुरक्षा प्रणाली किन कारणों से विफल हुई, किस स्तर पर लापरवाही हुई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा कर परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करने तथा परीक्षा माफिया के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठ रहा है, जो संविधान में निहित समान अवसर और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न लग जाए तो देश के भविष्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इसके साथ ही ज्ञापन में शिक्षाविद् सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की गई है। ज्ञापन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कराने तथा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन की प्रति पर कई लोगों ने भी हस्ताक्षर कर इस मांग का समर्थन किया।


