सूरजपुर :- जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम दवना में बुधवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया। प्राथमिक शाला दवना के प्रधानपाठक रामधन साहू (52 वर्ष) ने अपनी मां के निधन के कुछ ही घंटों बाद हृदयगति रुकने से दम तोड़ दिया। एक ही परिवार से कुछ घंटों के अंतराल में मां और बेटे की अर्थियां उठने से गांव में गहरा मातम छा गया। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम दवना निवासी शिक्षक रामधन साहू की वृद्ध मां की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही घर पर उनका निधन हो गया। मां के निधन से पूरा परिवार शोक में डूब गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
दोपहर के समय जब परिजन अंतिम यात्रा की तैयारी में जुटे थे और मां की अर्थी सजाई जा रही थी, तभी रामधन साहू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस अप्रत्याशित घटना से परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि जिस बेटे ने अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए खुद को संभाल रखा था, उसे शायद यह आभास भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद उसी दिन उसकी अपनी अंतिम यात्रा भी निकलेगी।
एक ही आंगन से कुछ घंटों के भीतर मां और बेटे की दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
रामधन साहू शिक्षा विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे थे। वे हाल ही में पदोन्नत होकर अपने ही गांव की प्राथमिक शाला दवना में प्रधानपाठक बने थे। एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन करते थे।
अपने सरल स्वभाव, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति लगाव के कारण वे ग्रामीणों, अभिभावकों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित थे। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण दवना पहुंचे तथा शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
सभी ने दिवंगत मां और शिक्षक रामधन साहू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।