सूरजपुर/रामानुजनगर। जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीया नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतका के भाई एवं शिकायतकर्ता कृष्णा साहु, निवासी ग्राम सरभोका, थाना रामानुजनगर द्वारा पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को दिए गए आवेदन के अनुसार, उनकी 15 वर्षीय बहन दीपिका करीब आठ माह पहले उमापुर निवासी ललित साहु के साथ उसके घर चली गई थी। परिजनों का कहना है कि जब वे अपनी नाबालिग बहन को वापस घर लाने पहुंचे, तब दीपिका ने कथित तौर पर कहा था कि यदि रिपोर्ट दर्ज कराई गई तो वह आत्महत्या कर लेगी। इस बात से भयभीत होकर परिजनों ने तत्काल कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
शिकायत में बताया गया है कि इसके बाद भी परिवार के लोग लगातार ललित साहु के माता-पिता से संपर्क कर दीपिका के नाबालिग होने का हवाला देते हुए उसे वापस घर भेजने की गुहार लगाते रहे। आरोप है कि परिजनों की बात नहीं मानी गई और किशोरी को अपने पास ही रखा गया।
शव को लेकर परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल….? :-
शिकायतकर्ता कृष्णा साहु का आरोप है कि उनकी बहन की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किशोरी की मौत के बाद पुलिस को तत्काल सूचना दिए बिना शव को फंदे से उतारकर खाट पर रख दिया गया तथा आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों का कहना है कि यदि किशोरी का शव फंदे पर लटका मिला था, तो घटना की सूचना पुलिस को तत्काल क्यों नहीं दी गई और शव को किस परिस्थिति में फंदे से उतारा गया? साथ ही, इतनी कम उम्र की किशोरी की मौत के मामले में जांच एवं अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले अंतिम संस्कार कैसे किया गया, यह भी जांच का विषय है।
परिजनों ने इन तमाम परिस्थितियों को लेकर संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच के माध्यम से किशोरी की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही किशोरी की मौत के वास्तविक कारण और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।