सूरजपुर। जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। जिला पंचायत के एक अधिकारी पर शासकीय नौकरी लगवाने का झांसा देकर महिला का शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। वहीं, पीड़िता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर भी लंबे समय से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। न्याय की मांग को लेकर महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर के पंच मंदिरपारा (भैयाथान रोड) निवासी महिला का विवाह वर्ष 2012 में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दंपति का 12 वर्षीय पुत्र भी है। पीड़िता के अनुसार विवाह के शुरुआती कुछ वर्ष सामान्य रहे, लेकिन बाद में पति और सास द्वारा छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे कथित रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
महिला का कहना है कि बाद में परिवार शिवपार्क, जेलपारा स्थित नए मकान में रहने लगा, जहां कथित प्रताड़ना का सिलसिला और बढ़ गया।
शासकीय नौकरी का झांसा देकर शोषण का आरोप :-
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उनके घर में किराए पर रहने वाले जिला पंचायत के एक अधिकारी ने उसे बहला-फुसलाकर शासकीय नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। महिला का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर अधिकारी ने उसका लगातार शारीरिक शोषण किया।
इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद मामले को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
पति पर भी गंभीर आरोप :-
पीड़िता का आरोप है कि मुश्किल समय में पति ने उसका साथ देने के बजाय उससे दूरी बना ली। महिला के अनुसार पति अब उससे बातचीत नहीं करता, भोजन और अन्य बुनियादी जरूरतों की व्यवस्था भी नहीं करता।
पीड़िता ने पति पर उसका मोबाइल फोन हैक करने तथा उसके 12 वर्षीय बेटे को उससे दूर रखने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा स्थानीय दो लोगों पर भी पति के इशारे पर अभद्रता और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है।
सखी सेंटर में भी पहुंचा था मामला :-
बताया गया है कि पारिवारिक विवाद बढ़ने के बाद मामला पूर्व में महिला सखी सेंटर तक भी पहुंचा था, जहां कुछ समय के लिए समझौता हुआ। लेकिन पीड़िता का कहना है कि इसके बाद परिस्थितियां फिर पहले जैसी हो गईं।
महिला का आरोप है कि उसने स्थानीय थाने में कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर उसे अपना घर छोड़कर मायके जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एसपी से कार्रवाई की मांग :-
पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी अधिकारी और कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले ससुराल पक्ष के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने यह भी आशंका जताई है कि उसके घर से चले जाने के बाद उसके मकान अथवा सामान को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उसने ऐसी किसी भी घटना के लिए अपने पति को जिम्मेदार ठहराया है।
अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंची इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और जांच के बाद लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।