सूरजपुर । विकासखंड भैयाथान के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में किसानों से ली गई हमाली राशि और किसानों के खातों में किए जा रहे भुगतान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर सहकारिता एवं उद्योग विकास विभाग के सभापति राजू कुमार गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भैयाथान को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और किसानों की लंबित हमाली राशि के भुगतान की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि धान की तुलाई एवं हमाली कार्य के लिए किसानों से ₹37.50 प्रति क्विंटल की दर से हमाली राशि ली गई थी। संबंधित सहकारी समितियों के प्रबंधकों द्वारा किसानों को बताया गया था कि शासन से हमाली की राशि प्राप्त होने के बाद उक्त राशि किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी।
लेकिन अब भैयाथान ब्लॉक की कुछ सहकारी समितियों में किसानों के खातों में कथित तौर पर मात्र ₹7 प्रति क्विंटल की दर से हमाली राशि जमा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे किसानों के बीच असमंजस और नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। किसानों का सवाल है कि जब उनसे ₹37.50 प्रति क्विंटल की दर से राशि ली गई थी, तो ₹7 प्रति क्विंटल का भुगतान किस शासनादेश, विभागीय आदेश या गाइडलाइन के आधार पर किया गया है।
₹30.50 प्रति क्विंटल के अंतर पर उठे सवाल…? : –
ज्ञापन के अनुसार ₹37.50 प्रति क्विंटल और ₹7 प्रति क्विंटल के भुगतान के बीच ₹30.50 प्रति क्विंटल का अंतर है। इसी अंतर की राशि को लेकर किसानों द्वारा स्पष्ट जानकारी और भुगतान की मांग की जा रही है।
सभापति राजू कुमार गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि भैयाथान ब्लॉक की संबंधित सभी सहकारी समितियों में किसानों से ली गई हमाली राशि और किसानों को किए गए भुगतान की समिति-वार जांच कराई जाए। साथ ही ₹7 प्रति क्विंटल भुगतान किए जाने के आधार से संबंधित शासनादेश, विभागीय आदेश अथवा गाइडलाइन की प्रति सार्वजनिक की जाए।
ज्ञापन में हमाली रजिस्टर, भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, बैंक रिकॉर्ड और किसानों से प्राप्त राशि का सत्यापन कराने की भी मांग की गई है। जांच में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या किसानों की राशि के भुगतान में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
10 दिन का अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो आमरण अनशन :-
ज्ञापन में प्रशासन को 10 दिवस की समय-सीमा देते हुए कहा गया है कि इस अवधि में मामले की निष्पक्ष जांच कराकर किसानों की लंबित हमाली राशि का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा ₹7 प्रति क्विंटल भुगतान के आधार की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा में किसानों की समस्या का संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर भैयाथान ब्लॉक के प्रभावित किसानों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा और आमरण अनशन किया जाएगा। इसकी जवाबदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर सूरजपुर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भैयाथान को भी आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
किसानों का कहना है कि धान उत्पादन में उनकी मेहनत की प्रत्येक राशि महत्वपूर्ण है। ऐसे में हमाली भुगतान को लेकर पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता जरूरी है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ₹7 प्रति क्विंटल भुगतान किस नियम या आदेश के तहत किया गया और शेष राशि के भुगतान की स्थिति क्या है।
हमाली के राशि को लेकर किसान नेता रक्षेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रशासन से सवाल पूछा है कि केवल दो धान उपार्जन समितियों मे हमाली की राशि किसानों के खाते में समायोजित क्यों की गई ? भैयाथान मंडल के बाकि समितियों के किसानों को हमाली राशि कब मिलेगी…?
उन्होंने पूछा है कि शासन का कौन सा आदेश था कि ऐसा किया गया है । विषय यह भी है कि क्या आदेश केवल दो ही समितियों मे लागू हुआ। उन्होंने कहा कि जब किसानों ने 37.5 रुपये प्रति क्विंटल के दर से हमाली की राशि दी है तो तो किसानों को 7 रुपये प्रति क्विंटल के दर से हमाली की राशि का भुगतान क्यों किया जा रहा है?