पांच माह बाद किसानों के खातों में पहुंची हमाली की राशि , सोनपुर-कुर्रीडीह के 1,548 किसानों को मिले 6.91 लाख रुपये, दूसरी समितियों के अन्नदाताओं को अब भी इंतजार…..
पांच माह बाद किसानों के खातों में पहुंची हमाली की राशि , सोनपुर-कुर्रीडीह के 1,548 किसानों को मिले 6.91 लाख रुपये, दूसरी समितियों के अन्नदाताओं को अब भी इंतजार…..
सूरजपुर / भैयाथान। धान बेचने के बाद अपनी मेहनत की पूरी रकम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को आखिरकार पांच महीने बाद हमाली की राशि मिल गई। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर और कुर्रीडीह केंद्र से जुड़े 1,548 किसानों के खातों में 6 लाख 91 हजार 280 रुपये 80 पैसे जमा किए गए हैं। राशि खातों में पहुंचने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि जिले की दूसरी समितियों से जुड़े अन्नदाताओं की नजर अब भी अपने भुगतान पर टिकी हुई है।
हमाली की राशि के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा। समिति की ओर से भुगतान की प्रक्रिया अप्रैल में ही पूरी कर बैंक को चेक जारी कर दिया गया था, लेकिन राशि खातों तक पहुंचने में करीब पांच महीने लग गए। खेती-किसानी की जरूरतों के बीच इतनी लंबी प्रतीक्षा ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी।
बताया गया कि दिसंबर में किसानों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष अपनी समस्या रखी थी। किसानों ने बताया था कि धान खरीदी के दौरान हमाली का खर्च उनसे लिया गया, जबकि नियमानुसार इसकी राशि उन्हें वापस मिलनी चाहिए। शिकायत के बाद मंत्री के निर्देश पर समिति ने भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
समिति के 23 अप्रैल 2025 के पत्र मुताबिक दोनों खरीदी केंद्र पर 7 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हमाली का भुगतान किया गया। सोनपुर (बड़ा) केंद्र से जुड़े 1,074 किसानों के खातों में 4 लाख 64 हजार 749 रुपये 60 पैसे, जबकि कुर्रीडीह केंद्र के 474 किसानों को 2 लाख 26 हजार 531 रुपये 20 पैसे दिए गए। इस तरह कुल 1,548 किसानों को 6 लाख 91 हजार 280 रुपये 80 पैसे की राशि मिली है।
रकम मिली, लेकिन पांच महीने का इंतजार सवालों में :-
राशि मिलने के बाद किसानों को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनका कहना है कि मेहनत से उपजी फसल से जुड़े प्रत्येक कार्य का भुगतान समय पर होना चाहिए। किसानों को अपनी ही मेहनत की राशि के लिए महीनों इंतजार करना पड़े, यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
दूसरी समितियों के किसानों का सवाल कायम :-
सोनपुर-कुर्रीडीह के किसानों को भुगतान मिलने के बाद अब शिवप्रसाद नगर, सावारांवा, केवरा, सिरसी, खोपा, भैयाथान समेत अन्य धान खरीदी समितियों से जुड़े किसानों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। उनका सीधा सवाल है कि जब एक समिति के किसानों को हमाली की राशि मिल चुकी है, तो बाकी अन्नदाताओं को उनका हक कब मिलेगा..?
किसानों का कहना है कि धान खरीदी के दौरान किए गए खर्च का भुगतान समय पर मिलना चाहिए। खेत से लेकर खरीदी केंद्र तक किसान कई तरह की आर्थिक चुनौतियों से जूझते हैं। ऐसे में छोटी-छोटी देय राशियों के लिए महीनों इंतजार करना उनकी परेशानी को और बढ़ाता है।
अब देखना यह है कि अन्य समितियों से जुड़े किसानों के खातों में भी हमाली की रकम कब तक पहुंचती है। फिलहाल सोनपुर-कुर्रीडीह के किसानों को मिली राशि उन अन्नदाताओं के लिए उम्मीद जरूर बनी है, जो लंबे समय से अपने भुगतान की बाट जोह रहे हैं।