आरपीएफ की कार्रवाई में अब तक 8 गिरफ्तार, 3.67 लाख के 60 तत्काल टिकट जांच के घेरे में….
CG Samachar24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर। इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मिले एक संदिग्ध आरक्षित टिकट की जांच के दौरान आरपीएफ ने तत्काल टिकटों की कथित अवैध दलाली के नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में बैकुंठपुर सिटी पीआरएस के बुकिंग क्लर्क, टिकट दलाल, बस चालक समेत अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर में 16 अगस्त 2026 को रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
इलाहाबाद स्टेशन पर मिला था संदिग्ध टिकट :-
बताया गया कि 2 अगस्त को इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध आरक्षित टिकट मिला था। यह टिकट बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से जारी हुआ था। मामला आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर के क्षेत्राधिकार से संबंधित होने पर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, बिलासपुर के निर्देश पर पोस्ट प्रभारी निरीक्षक सुनीता मिंज को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच के दौरान टिकट बनाने वाले बैकुंठपुर सिटी पीआरएस के कर्मचारी अविनाश कुमार, बनारस के टिकट दलाल संजय विश्वकर्मा तथा जौनपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ की गई।
व्हाट्सऐप के जरिए भेजी जाती थी यात्रियों की जानकारी :-
आरपीएफ की जांच के अनुसार सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल ग्राहकों से उनकी यात्रा संबंधी जानकारी लेकर संजय विश्वकर्मा को भेजता था। संजय यह जानकारी व्हाट्सऐप के माध्यम से बैकुंठपुर पीआरएस के कर्मचारी अविनाश कुमार तक पहुंचाता था। इसके बाद अविनाश कुमार बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से तत्काल टिकट बनाकर बस के माध्यम से बनारस में संजय विश्वकर्मा तक पहुंचाता था। वहां से टिकट जौनपुर में सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
जांच में टिकटों के किराये और कमीशन के लेनदेन में फोन-पे के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है।
प्रति यात्री तय था कमीशन :-
आरपीएफ के मुताबिक पूछताछ में प्रति यात्री कथित कमीशन के तौर पर सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल को 1,500 रुपये, संजय विश्वकर्मा को 700 रुपये और अविनाश कुमार को 350 रुपये मिलने की जानकारी सामने आई। वहीं, प्रत्येक लिफाफे के लिए बस चालक को 200 रुपये दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले कथित व्हाट्सऐप चैट और फोन-पे हिस्ट्री की जांच में लेनदेन से संबंधित साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार :-
आरपीएफ के अनुसार मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों में संजय विश्वकर्मा (बनारस), अविनाश सारथी (बुकिंग क्लर्क, सिटी पीआरएस बैकुंठपुर), मनोज कुमार यादव (बस चालक), सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल (जौनपुर), किरण (अविनाश सारथी की साली एवं कथित सहयोगी), परमेश दुबे (टिकट दलाल, रायपुर) और कुंदन कुमार (बुकिंग क्लर्क, पीआरएस करंजी) सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
3.67 लाख रुपये के 60 तत्काल टिकट जांच के घेरे में :-
जांच के दौरान आरपीएफ ने संजय विश्वकर्मा के मोबाइल में मौजूद व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट के आधार पर अविनाश कुमार द्वारा काउंटर से बनाए गए 60 तत्काल टिकटों का पता लगाया है। इन टिकटों की कुल कीमत करीब 3 लाख 67 हजार रुपये बताई गई है। इनमें से 14 टिकट हाथ से लिखे हुए पाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनकी जांच जारी है।
आरपीएफ की जांच में संजय विश्वकर्मा और परमेश दुबे के उत्तर प्रदेश, मुंबई, ओडिशा, रायपुर और बिलासपुर के कथित टिकट दलालों के साथ-साथ कुछ रेलवे कर्मचारियों से संपर्क के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इससे तत्काल टिकटों की कथित अवैध दलाली का नेटवर्क और बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।