सूरजपुर। छत्तीसगढ़ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा दिनांक 31 अगस्त 2026 को जारी आदेश क्रमांक GENCOR/10303/2026-FOOD के तहत राज्य शासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में 354 नए धान खरीदी (उपार्जन) केंद्र खोले जाने की घोषणा की है।
इसके तहत विभिन्न जिलों और विकासखंडों में नए धान खरीदी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में जंजावल एवं दुलदुली, रामानुजनगर विकासखंड में रामतीर्थ एवं तिवरागुड़ी तथा भैयाथान विकासखंड में बुंदिया एवं बड़सरा को नए धान उपार्जन केंद्र के रूप में शामिल किया गया है।
नए धान खरीदी केंद्र खुलने से स्थानीय किसानों को अपना धान बेचने के लिए दूर-दराज के खरीदी केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे किसानों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। नवीन केंद्रों की स्वीकृति से स्थानीय किसानों में हर्ष व्याप्त है। किसानों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए अपने-अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नेताओं के प्रति आभार जताया है।
स्थानीय लोगों को रोजगार, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति :-
किसानों का कहना है कि नवीन धान उपार्जन केंद्र खुल जाने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ बिचौलियों से भी मुक्ति मिलेगी। किसान सीधे खरीदी केंद्रों में अपना धान बेच सकेंगे। इससे उनके परिवहन व्यय में कमी आएगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही किसानों पर पड़ने वाला वित्तीय भार भी कम होगा।
राज्य शासन ने जारी किए 10 महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश :-
नवीन धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने आवश्यक कार्रवाई हेतु क्रमवार दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
1. जिन स्थानों पर मंडी/उपमंडी प्रांगण उपलब्ध है, उनका उपयोग धान खरीदी हेतु किया जावे।
2. धान खरीदी हेतु ऐसे स्थान का चयन किया जावे, जहाँ पर्याप्त समतल एवं ऊंची भूमि उपलब्ध हो। नीची अथवा गड्ढे वाली भूमि का चयन कदापि न किया जावे।
3. धान खरीदी केंद्र में धान के सुरक्षित रख-रखाव हेतु पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो।
4. नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने हेतु कम्प्यूटर सेट्स, दो प्रिंटर, यू.पी.एस. एवं 2 के.व्ही.ए. जनरेटर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा की जावे। इसके अतिरिक्त यदि नवीन केंद्र खोलने में व्यय आता है तो विपणन संघ द्वारा राशि अग्रिम में प्रदाय की जावे, जिसे बाद में समिति को प्राप्त कमीशन की राशि से समायोजित किया जाए।
5. नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने हेतु किसानों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस (प्रत्येक उपार्जन केंद्र के लिए 01 फिंगरप्रिंट एवं 01 आईरिस डिवाइस) विपणन संघ द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
6. नमी मापने हेतु आद्रतामापी यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, पॉलीथीन कवर एवं ड्रेनेज मटेरियल की व्यवस्था समिति द्वारा की जावेगी।
7. खरीदी केंद्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत एवं प्रकाश तथा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था हो।
8. खरीदी केंद्र हेतु यथासंभव सुगम पहुंच मार्ग की व्यवस्था हो।
9. खरीदी केंद्र में धान बिक्री हेतु निकटस्थ ग्रामों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जावेगा।
10. खरीदी केंद्र का खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार के PCSAP पोर्टल में मैपिंग किया जावे एवं खरीदी केंद्र की जानकारी की एंट्री समिति द्वारा की जावे। इस संबंध में अपेक्स बैंक द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जावे।
नवीन धान उपार्जन केंद्रों के खुलने से क्षेत्र के किसानों को धान बिक्री में सुविधा मिलने के साथ समय और परिवहन खर्च की बचत होगी।