नेहरू पार्क में खून से लथपथ हालत में भागती रही युवती, अस्पताल ले जाते समय मौत….
संदेह ने ले ली प्रेमिका की जान… आरोपी प्रेमी गिरफ्तार, जेल भेजा गया….
CG Samachar24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :– जिले में प्रेम संबंधों के बीच पैदा हुए शक ने एक युवती की जान ले ली। रविवार रात सूरजपुर के नेहरू पार्क में प्रेमी-प्रेमिका के बीच किसी अन्य युवक से प्रेम प्रसंग के शक को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी प्रेमी ने चाकू से अपनी प्रेमिका के गले पर वार कर दिया।
गंभीर रूप से घायल युवती जान बचाने के लिए पार्क में इधर-उधर भागती रही, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण कुछ दूर जाकर जमीन पर गिर पड़ी। युवती को खून से लथपथ हालत में देखकर पार्क में मौजूद लोगों ने तत्काल उसे सूरजपुर जिला अस्पताल पहुंचाया।
अंबिकापुर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम :- जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद युवती की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया। परिजन और अस्पताल की टीम उसे अंबिकापुर लेकर रवाना हुई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में युवती ने दम तोड़ दिया।
मृतका की पहचान लटोरी चौकी क्षेत्र के भंडारपारा निवासी 19 वर्षीय राधिका राजवाड़े के रूप में हुई है। वह सूरजपुर में एक अधिवक्ता के घर रहकर घरेलू काम करती थी। वहीं ग्राम कुरुवां निवासी रितेश राजवाड़े के साथ उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
एक घंटे तक पार्क में बैठे रहे, फिर हुआ खूनी विवाद :- बताया जा रहा है कि रविवार देर शाम रितेश ने राधिका को नेहरू पार्क में मिलने बुलाया था। दोनों करीब एक घंटे तक पार्क में बैठकर बातचीत करते रहे। इसी दौरान रितेश ने राधिका पर किसी अन्य युवक से प्रेम-प्रसंग होने का शक जताया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान रितेश ने अपने पास रखे चाकू से राधिका के गले पर वार कर दिया और मौके से फरार हो गया।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस :- वारदात के बाद आरोपी चाकू लेकर बाइक से फरार हो गया था। सूरजपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम पीढ़ा स्थित यूकेलिप्टस नर्सरी से आरोपी रितेश राजवाड़े को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने प्रेमिका के किसी अन्य युवक से प्रेम-प्रसंग होने के शक में चाकू से हमला करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।