जर्जर भवन में बच्चें पढ़ने को मजबुर , 67 साल पुराने प्राथमिक शाला भवन पर मंडरा रहा खतरा…..

CG Samachar24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर :- भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रगदा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला भवन की जर्जर हालत ने बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वर्ष 1958-60 के आसपास बने कच्चे भवन की आज तक समुचित मरम्मत नहीं होने से भवन पूरी तरह बदहाल हो चुका है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, कई जगह दीवारें टूट चुकी हैं और खपड़ैल छत भी क्षतिग्रस्त होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गई है।
भवन की स्थिति इतनी खराब है कि किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए बच्चों को पुराने भवन में नहीं बैठाया जा रहा है। वर्तमान में प्राथमिक शाला के बच्चों की पढ़ाई समीपस्थ माध्यमिक शाला भवन में कराई जा रही है। जगह की कमी के कारण स्कूल दो पालियों में संचालित करना पड़ रहा है। पहली पाली में प्राथमिक शाला और दूसरी पाली में माध्यमिक शाला की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
दो पालियों में स्कूल संचालन से छोटे बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित समय पर पढ़ाई नहीं होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, वहीं अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से स्कूल भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द नए स्कूल भवन की स्वीकृति दी जाए, ताकि नौनिहालों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा मिल सके।

इस संबंध में बीआरसीसी सुरेंद्र दुबे ने पत्रकार को बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला रगदा के पुराने जर्जर भवन की स्थिति की जानकारी विभाग को है। भवन काफी पुराना होने के कारण वर्तमान में उसकी हालत ठीक नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नए भवन निर्माण के लिए जिला शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
सवालों के घेरे में शिक्षा व्यवस्था :- एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं रगदा का प्राथमिक विद्यालय उन दावों की वास्तविक तस्वीर सामने रख रहा है। जहां बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए, वहां वे आज भी स्थायी भवन के इंतजार में हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदार विभाग कब तक निर्णय लेगा क्या किसी बड़े हादसे के बाद व्यवस्था जागेगी या फिर समय रहते रगदा में नया और सुरक्षित स्कूल भवन मिल पाएगा ।

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