बरगद पेड़ से टकराई तेज रफ्तार मोटरसाइकिल हादसे मे नबालिक चालक की मौत , सवार दो अन्य नाबालिग घायल…..
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संचालक:-दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर :- जिले के बनारस रोड स्थित सकलपुर में तेज रफ्तार ने एक घर का चिराग बुझा दिया। सड़क किनारे खड़े विशाल बरगद के पेड़ से टकराई बेकाबू मोटरसाईकिल ने ऐसा मंजर खड़ा किया कि पूरे इलाके में मातम पसर गया। हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार दो अन्य नाबालिग घायल हो गए । प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों किशोर एक ही बाइक पर सवार होकर तेज गति से बनारस रोड की ओर जा रहे थे। बाइक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि अचानक संतुलन बिगड़ते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। कुछ ही सेकंड में बाइक सीधे सड़क किनारे खड़े पुराने बरगद के पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक क्रमांक सीजी 15 सीपी 6949 (एचएफ डीलक्स) के परखच्चे उड़ गए और तीनों सवार कई फीट दूर जा गिरे। टक्कर की भयावह आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। सड़क पर खून से लथपथ पड़े किशोरों को देखकर हर कोई सन्न रह गया। तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।

हादसे में चालक सोनू अगरिया (17 वर्ष), पिता उकील अगरिया, निवासी बोझा, को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके साथ सवार मनीष अगरिया (15 वर्ष), पिता शिव प्रसाद, और ओम प्रकाश अगरिया (13 वर्ष), पिता मनोज उर्फ गेंठी, घायल हैं। दोनों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। यह हादसा एक बार फिर कम उम्र में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह स्वयं तथा दूसरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी भी हादसे की भयावहता बढ़ा देती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बनारस रोड पर अक्सर वाहन तेज गति से दौड़ते हैं। सड़क के किनारे बड़े पेड़ और कुछ स्थानों पर संकरी पट्टी होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं,चेतावनी संकेतक लगाए जाएं और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। हादसे के बाद मृतक सोनू के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दो अन्य परिवार अपने घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। सकलपुर और आसपास के गांवों में शोक और चिंता का माहौल है।
यह दर्दनाक घटना समाज को एक कड़ा संदेश दे रही है, सड़क पर एक पल की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। तेज रफ्तार का रोमांच कुछ क्षण का होता है, लेकिन उसका परिणाम पूरे परिवार की खुशियां छीन सकता है।
