मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती उपभोक्ताओं मे नाराजगी….
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संचालक :- दीपक गुप्ता…..✍️
सूरजपुर :- भैयाथान विकासखंड क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ी हुई बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार अघोषित कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई बार लोड बढ़ने का हवाला दिया जाता है। कई बार मेंटेनेंस के नाम पर घंटों सप्लाई बंद कर दी जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकतर मामलों में पूर्व सूचना नहीं दी जाती, जिससे परेशानी बढ़ती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग हर बार ऊपर से लाइन बंद होने या तकनीकी कारणों का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचता है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक लंबे समय से सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इससे समस्या गंभीर होती जा रही है। भीषण गर्मी के बीच शाम होते ही कटौती बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं।

लोगों का कहना है कि कई बार सप्लाई घंटों तक ठप रहती है। जानकारी मांगने पर कर्मचारियों की ओर से ओवरलोड का कारण बताया जाता है। कटौती से घरेलू कामकाज, पेयजल व्यवस्था और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने विभाग के जीरो कट दावों को गलत बताया। उनका कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर 6 से 7 घंटे तक बिजली बंद रखी जा रही है। इसके अलावा तीन दर्जन से अधिक पारा-मोहल्लों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इससे कूलर और पंखे ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से कटौती की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर स्थायी समाधान की मांग की है।

जानिऐ क्यों कट जा रही बार बार बिजली :- विद्युत ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत से बड़ा कमिशन का खेल चला जहा सस्ता और घटिया विद्युत सामाग्री कम कॉपर , पतला तार , को कागजों मे सही प्रदर्शित करा दिया जाता है जिसमे संबंधित विभाग के अधिकारियों सहित ठेकेदारों को अच्छा मुनाफा मिल जाता है जिस कारण ट्रासफार्मर जलना , इंसुलेटर का बार बार जलना , तार टुटकर गिरना , खंभा गिरना , ढ़ीला कनेक्शन , घरेलू मीटर सर्विस वायर निष्क्रिय जिसका परिणाम बार बार बिजली कटना , लो बोल्टेज , खराब उपकरण हैं ।
इस भ्रष्टाचार मे किसे फायदा….? :- इस भ्रष्टाचार के खेल मे विद्युत ठेकेदार सहित संबंधित अधिकारियों को बड़ा वित्तीय फायदा होता है ।
जितना घटिया काम उतना ही ज्यादा मुनाफा :- विभाग मे टेंडर सेटिंग , कमिशन , फर्जी बिल बनाकर राशि का अधिकारी व ठेकेदार के बिच बंदरबांट सामिल है । जिसका खामियाजा आज आम उपभोक्ता भुगत रही है ।
