जमीन नामांतरण और सीमांकन के नाम पर पटवारी ने ली रिश्वत एसीबी की टीम ने किया गिरफ्तार भेजा जेल….
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर :- जमीन के नामांतरण और सीमांकन के नाम पर रिश्वत की भूख ने एक पटवारी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सूरजपुर जिले के डूमरिया क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक पटवारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। एसीबी की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं दूसरी तरफ इस घटना ने सूरजपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा भड़का दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक आम आदमी को अपने हक के लिए रिश्वत की बलि चढ़ानी पड़ेगी। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, डूमरिया का एक स्थानीय व्यवसाई अपनी जमीन के नामांतरण और सीमांकन के लिए पटवारी के चक्कर काट रहा था। लेकिन पटवारी हर बार टालमटोल करता और काम को लटकाता रहा। आखिरकार, उसने व्यवसाई से 20 हजार रुपए की मोटी रकम की डिमांड रख दी। परेशान व्यवसाई ने इसकी शिकायत एसीबी को की। शिकायत मिलते ही एसीबी ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। व्यवसाई को निर्देश दिए गए कि वह रिश्वत की रकम पटवारी को सौंपे। जैसे ही व्यवसाई ने पटवारी को उसके कार्यालय में 20 हजार रुपए दिए, एसीबी की टीम ने ताबड़तोड़ दबिश देकर पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की रकम मौके से बरामद कर ली गई।पटवारी की गिरफ्तारी के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। एसीबी ने पटवारी के दफ्तर से जरूरी दस्तावेज जब्त किए और पूछताछ शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, एसीबी अब पटवारी की पुरानी फाइलों की भी पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले भी किन-किन मामलों में रिश्वत की वसूली की। जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
एसीबी ने पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच में नए खुलासे होने की उम्मीद है। अगर पटवारी के अन्य कारनामों का पर्दाफाश हुआ तो मामला और गंभीर हो सकता है। फिलहाल, यह कार्रवाई भ्रष्टाचारियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता।

