नियमितीकरण और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग को लेकर अनियमित कर्मचारी करेंगे आंदोलन…

11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन, सभी अनियमित संगठनों से अभियान सफल बनाने की अपील…..

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा मोदी की गारंटी पूरी नहीं करने तथा नियमितीकरण एवं आउटसोर्सिंग प्रथा बंद करने की मांग को लेकर अनियमित कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत 11 सितंबर को इंद्रावती भवन, नया रायपुर के सामने सांकेतिक प्रदर्शन से होगी। इस प्रदर्शन में नियमित कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर शामिल होंगे।

प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत नियमित, अनियमित कर्मचारियों एवं अधिकारियों की समस्याओं एवं मांगों का निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू एवं एक मांग-एक मंच अभियान के संयोजक करण सिंह अटेरिया ने कहा कि केंद्र के समान महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से तथा 86 माह का एरियर्स लंबित है।

अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं आउटसोर्सिंग बंद करने जैसे विषयों पर सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। न्यूनतम वेतन में विगत 9 साल से और संविदा वेतन में तीन साल से कोई वृद्धि नहीं की गई है। इससे लाखों अनियमित कर्मचारियों का आर्थिक हित प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि मोदी की गारंटी भी पूरी नहीं की जा रही है।

आर्थिक शोषण के खिलाफ क्रमिक आंदोलन के तहत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर करण सिंह अटेरिया, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संघ, जितेंद्र सिंह ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ एवं गोपाल प्रसाद साहू, प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में नियमित, अनियमित एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी 11 सितंबर को भोजनावकाश के दौरान इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

अनियमित कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें :-

– जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों का एरियर्स दिया जाए।

– अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाए तथा आउटसोर्सिंग/ठेका के माध्यम से नियोजन व्यवस्था बंद की जाए।

– नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

– स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति (लेब एवं फार्मेसी) की प्रथा समाप्त की जाए।

– नियमित, अनियमित कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू की जाए।

सभी अनियमित संगठनों से अभियान सफल बनाने की अपील :-

प्रगतिशील छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने सभी अनियमित कर्मचारी संगठनों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए सभी संगठनों की एकजुटता जरूरी है।

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