कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर की शिकायत, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी; अपर कलेक्टर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद….
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर। बिश्रामपुर नगर पंचायत के प्लेसमेंट कर्मचारियों के सुपरवाइजर ने सूरजपुर के अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर मारपीट करने और गड्ढा खोदकर जमीन में गाड़ देने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि अपर कलेक्टर ने 3-4 कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाते हुए कहा कि यहीं गड्ढा खोदकर गाड़ दूंगा। घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और दर्जनभर से अधिक कर्मचारी शिकायत लेकर थाने पहुंचे।
कर्मचारियों ने कहा कि वे काम करने आए हैं, किसी की मार खाने नहीं। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सूरजपुर कलेक्टर से करने की बात कही है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
लाइफ लाइन एक्सप्रेस तक रास्ता बनाने के दौरान हुआ विवाद :-
दरअसल, बिश्रामपुर में 15 अगस्त से लाइफ लाइन एक्सप्रेस के माध्यम से मरीजों का पंजीयन एवं उपचार किया जा रहा है। इसकी व्यवस्थाओं की देखरेख सूरजपुर अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा द्वारा की जा रही है। बारिश के कारण इन दिनों लाइफ लाइन एक्सप्रेस तक पहुंचने वाले मार्ग पर कीचड़ हो गया है। एंबुलेंस को ट्रेन तक पहुंचाने के लिए रास्ता तैयार करने के निर्देश तहसीलदार द्वारा बिश्रामपुर नगर पंचायत के प्लेसमेंट कर्मचारियों को दिए गए थे।
मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे कर्मचारी रास्ता तैयार करने में जुटे थे। प्लेसमेंट कर्मचारी सुपरवाइजर आकाश सिन्हा के अनुसार, काम के दौरान सूरजपुर के कुछ कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने रास्ते के संबंध में जानकारी ली और बताया गया कि माइनिंग विभाग द्वारा काम कराया जा रहा है। इसी दौरान अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत करने लगे।
सुपरवाइजर ने लगाया मारपीट का आरोप :-
आकाश सिन्हा का आरोप है कि अपर कलेक्टर ने उनसे गोलू सर के संबंध में पूछताछ की। बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जब तक लाइफ लाइन एक्सप्रेस चलेगी, गोलू की तबीयत ठीक नहीं होगी। जब कर्मचारियों ने खुद को केवल लेबर बताते हुए काम करने की बात कही, तो आरोप है कि अपर कलेक्टर ने उन्हें गड्ढा खोदकर गाड़ देने और ऊपर से जेसीबी चलवा देने की धमकी दी।
सुपरवाइजर के अनुसार, इसके बाद अपर कलेक्टर ने अपने गार्ड की मदद से उन्हें गाड़ी की ओर खींचने का प्रयास किया। विरोध करने पर हाथ-मुक्के और थप्पड़ से मारपीट की गई।
कर्मचारी का फोन तोड़ने का भी आरोप :-
कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के दौरान रितेश नामक कर्मचारी ने कार्यालय में सूचना देने के लिए फोन निकाला, जिसे अपर कलेक्टर ने कथित तौर पर तोड़ दिया।
कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी ड्यूटी करने गए थे और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचने के बाद भी करीब आधे घंटे तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि वे मामले की शिकायत कलेक्टर से करेंगे। यदि वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो सभी कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
अपर कलेक्टर बोले – आरोप पूरी तरह बेबुनियाद :-
वहीं, पूरे मामले में अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि मौके पर उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपना काम करने के निर्देश दिए थे और निर्देश देते समय उनका लहजा थोड़ा तल्ख जरूर था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी बात को अन्यथा ले रहे हैं।
मारपीट के आरोपों पर अपर कलेक्टर ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। यदि कोई इस तरह का आरोप लगा रहा है तो यह पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है।
अब मामले में कर्मचारियों की शिकायत और अपर कलेक्टर के पक्ष के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।