सूरजपुर। जिले के चेंद्रा चौकी अंतर्गत ग्राम रैसरी में नवंबर 2024 में पिता की हत्या के मामले में सत्र न्यायालय सूरजपुर ने आरोपी पुत्र भुवन पैकरा को दोषसिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय का फैसला 11 अगस्त 2026 को आया।
मां से विवाद के दौरान पिता पर किया था टांगी से हमला :-
मामला 15 नवंबर 2024 का है। ग्राम रैसरी निवासी खेमसाय पैकरा शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी पत्नी सुशीला पैकरा से गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे उनका पुत्र भुवन पैकरा घर पहुंचा। पिता को मां से विवाद करते देख वह गुस्से में आ गया और पिता से आए दिन विवाद करने की बात कहते हुए उन पर टांगी से हमला कर दिया।
टांगी के प्रहार से खेमसाय पैकरा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मनराखन पैकरा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर टांगी की जब्त
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन चेंद्रा चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता द्वारा की गई। पुलिस ने 16 नवंबर 2024 को आरोपी भुवन पैकरा को गिरफ्तार किया तथा घटना में प्रयुक्त टांगी जब्त की। विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा :-
मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश थॉमस एक्का के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक राजू दास ने पैरवी की। उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रकरण की परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी भुवन पैकरा को दोषी ठहराते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, मामले में उत्कृष्ट विवेचना एवं पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल द्वारा विवेचक एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता के कार्य की सराहना की गई।