सूरजपुर। जिले के अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्र नवाटोला-बिहारपुर और ओड़गी मार्ग से मध्य प्रदेश की ओर से बकरे-बकरियों के कथित अवैध एवं नियम विरुद्ध परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और राहगीरों का आरोप है कि वाहनों में क्षमता से अधिक पशुओं को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा है, जिससे पशुओं की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली क्रूरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कागजों पर कानून, सड़कों पर कथित मनमानी…? :-
पशु परिवहन से संबंधित पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 तथा लागू पशु परिवहन नियमों में पशुओं को सुरक्षित एवं मानवीय तरीके से ले जाने के संबंध में प्रावधान किए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का दावा है कि बिहारपुर और ओड़गी क्षेत्र की सड़कों पर इन नियमों का कथित रूप से पालन नहीं किया जा रहा है।
आरोप है कि कुछ पिकअप एवं अन्य मालवाहक वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक संख्या में बकरे-बकरियों को भरकर परिवहन किया जा रहा है। इससे गर्मी, दम घुटने, चोट लगने और अन्य समस्याओं का खतरा बना रहता है।
स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरी प्रमाण-पत्र पर सवाल…? :-
पशुओं के परिवहन से पहले आवश्यक पशु चिकित्सा जांच एवं संबंधित प्रमाण-पत्रों की व्यवस्था का प्रावधान है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ वाहनों में बीमार, कमजोर अथवा चलने में असमर्थ पशुओं को भी ले जाया जाता है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्षमता से अधिक लोडिंग का आरोप :-
स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बकरे-बकरियों को एक साथ भरकर ले जाया जाता है। वाहनों में पर्याप्त जगह, वेंटिलेशन और पशुओं को एक-दूसरे से दबने से बचाने की उचित व्यवस्था नहीं होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
चारा-पानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल…? :-
लंबी दूरी के परिवहन के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त हवा, चारा-पानी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहनों में इन व्यवस्थाओं की कथित तौर पर अनदेखी की जा रही है।
जरूरी दस्तावेजों के जांच की मांग :-
पशु परिवहन के दौरान वैध खरीद-बिक्री दस्तावेज, चालान, पशु चिकित्सा प्रमाण-पत्र तथा वाहन एवं व्यापारी से संबंधित आवश्यक कागजात की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।
कार्रवाई के नाम पर खामोशी…? :-
अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र होने के बावजूद यदि नियमों के विपरीत पशुओं का परिवहन हो रहा है, तो यह संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि नवाटोला-बिहारपुर एवं ओड़गी मार्ग पर नियमित जांच अभियान चलाकर पशु परिवहन से जुड़े वाहनों के दस्तावेज, पशुओं की संख्या और उनकी स्थिति की जांच की जाए।
साथ ही, यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित वाहन चालकों एवं पशु व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
CG Samachar 24.in की अपील :-
यदि किसी वाहन में पशुओं के साथ क्रूरता या नियम विरुद्ध परिवहन देखा जाता है, तो नागरिक स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय इसकी सूचना संबंधित प्रशासनिक, पुलिस अथवा पशु चिकित्सा विभाग को दें।