आदिवासी नेतृत्व के सम्मान और पेसा कानून के पालन का मुद्दा बताया, एसडीएम को सौंपा त्यागपत्र……
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संचालक :-दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मदननगर में सोमवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पंचायत की बर्खास्त सरपंच सुंदरी बाई के समर्थन में 20 निर्वाचित पंचों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पंचों ने एसडीएम प्रतापपुर को सौंपे गए इस्तीफा पत्र में आरोप लगाया कि आदिवासी महिला सरपंच को असंवैधानिक एवं विधि-विरुद्ध तरीके से पद से हटाया गया है।
पंचों का कहना है कि सरपंच सुंदरी बाई क्षेत्र के आदिवासी किसानों की आवाज उठा रही थीं तथा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के प्रावधानों के पालन की मांग कर रही थीं। इसी कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। विरोध स्वरूप सभी पंचों ने स्वेच्छा से अपने पद से त्यागपत्र देकर प्रशासन से तत्काल उसे स्वीकार करने की मांग की है।
प्रशासन के अनुसार मदननगर, कनकनगर और जगन्नाथपुर क्षेत्र में प्रस्तावित एसईसीएल भटगांव ओपन कास्ट कोयला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण एवं डीजीपीएस सर्वे का कार्य किया जा रहा था। 2 और 3 अप्रैल 2026 को सर्वे के दौरान ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें सरपंच सुंदरी बाई पर ग्रामीणों का नेतृत्व करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया।
मामले की सुनवाई के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतापपुर ने उपलब्ध अभिलेखों, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 8 जुलाई 2026 को आदेश जारी करते हुए सरपंच सुंदरी बाई को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक कर दिया था।
वहीं, सुनवाई के दौरान सुंदरी बाई ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि ग्रामसभा को सर्वेक्षण की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और उन्होंने ग्रामीणों को उकसाया नहीं था। उनका यह भी कहना था कि मदननगर पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां पेसा कानून के तहत ग्रामसभा की सहमति और सहभागिता आवश्यक है। हालांकि प्रशासन ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
गौरतलब है कि प्रस्तावित एसईसीएल कोयला परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, मुआवजा और ग्रामसभा की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते रहे हैं। ऐसे में 20 पंचों के सामूहिक इस्तीफे से यह मामला अब और अधिक संवेदनशील तथा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।
सामूहिक इस्तीफा देने वाले पंच :- सुनीता बेक, अमृता केसरी, हीरामती बेक, रामविनोद खाखा, धनसाय खेस, नन्की आयम, छोटेलाल कुजूर, अजय मिंज, कालीचरण, राधिका करसायल, फूलकुमारी साण्डिल्य, मानती खलखो, धरमजीत मिंज, दीपा टोप्पो, बिगन गिद्ध, करीमन, गीता गिद्ध, अमिला मिंज, करमु खलखो एवं बिसनी किस्पोट्टा शामिल हैं ।