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एसईसीएल के आमगांव कोयला खदान परिसर मे खड़ी ट्रक के ट्राली मे चालक ने लगाई फांसी एसईसीएल प्रबंधन पर प्रताड़ना का आरोप…..

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर :- जिले के आमगांव कोयला खदान परिसर में एक 37 वर्षीय ट्रक चालक द्वारा ट्रक में ही फांसी लगा आत्महत्या कर लिए जाने से हड़कंप मच गया। युवा चालक मनोज जाट निवासी जांजगीर चांपा के द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने पर संभागीय ट्रक मालिक संघ के पदाधिकारियों ने खदान के बाहर लोडिंग की प्रतिक्षा में खड़ी ट्रक के चालकों से जानकारी ली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। संघ के अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने बताया कि मनोज जाट जांजगीर का रहने वाला था और आमगांव खदान में कोयला परिवहन करता था। वह पिछले 12 दिनों से खदान के बाहर ट्रक खड़ी कर कोयला लोडिंग की प्रतिक्षा कर रहा। मगर एसईसीएल के कर्मचारियों द्वारा बगैर राशि दिए ट्रक में कोयला लोड नहीं कराया जा रहा था। जिससे परेशान होकर चालक मनोज जाट ने एसईसीएल के कर्मचारियों के समक्ष गुहार लगाया था कि उसके वाहन का किश्त टूटने वाला है, रुपए नहीं मिले तो वह बर्बाद हो जाएगा, मगर कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। बार बार गिड़गिड़ाने के बाद एसईसीएल के कर्मचारियों ने शनिवार 30 अगस्त 2024 को उसके ट्रक में गेट खोल खदान के भीतर लिया, मगर ट्रक का कांटा (तौल) करने के बाद फिर कोयला लोड करने के बजाए किनारे खड़ा कर दिया गया। जिससे चालक मनोज काफी हताश हो गया था। और संभवतः इसी कारण उसने शनिवार की रात ट्रक में ही फंदा लगा फांसी पर झूल गया। आज रविवार 31 अगस्त 2025 को एसईसीएल कर्मियों ने ट्रक में फांसी पर झूलता उसका शव देखा। संघ के अध्यक्ष रविन्द्र तिवारी ने कहा कि इस संबंध में सूरजपुर जिले के एसएसपी और सरगुजा रेंज के आईजी से चर्चा की गई है। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की गई है।

किसी वाहन में चालक द्वारा फांसी लगाए जाने का संभवतः प्रदेश का यह पहला मामला है। इस घटना को लेकर ट्रक चालकों में रोष देखा जा रहा है। इस संबंध में आमगांव (एसईसीएल) खदान प्रबंधन से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

बगैर रुपए दिए नहीं होती कोयला लोडिंग :- ट्रक मालिक संघ के संभागीय अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि संभाग के लगभग सभी कोयला खदानों में लिफ्टर और एसईसीएल कर्मियों द्वारा ट्रक चालकों से लोडिंग के नाम पर अवैध रूप से 1500 से 2000 रुपए की मांग की जाती है। जो रुपए नहीं देता है उसकी गाड़ी में लोडिंग नहीं की जाती है। जिससे कई चालक परेशान होकर उन्हें रुपए दे देते हैं, जबकि मनोज जाट जैसे अपने काम के प्रति ईमानदार लोग गिड़गिड़ाते रहते हैं। अंततः खदान के भीतर काली कमाई के प्रताड़ना से तंग आकर चालक जान देने भी मजबूर हो जाते हैं।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुऐ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की घटना की जानकारी मिली है पुलिस द्वारा बारिकी से हर पहलुओं की जांच की जा रही है जांच मे जो तथ्य सामने आयेंगें उसके अनुरूप कार्रवाई की जायेंगी ।

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