चांदनी-बिहारपुर में झाड़-फूंक के नाम पर ग्रामीणों से ठगी का आरोप, प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन…..

 

CG Samachar 24.in

संचालक :-दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर। जिले के दूरस्थ ब्लॉक मुख्यालय ओड़गी के अंतर्गत आने वाले चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र में झाड़-फूंक के नाम पर ग्रामीणों की आस्था से खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तथाकथित बाबा बड़े-बड़े और गंभीर रोगों को झाड़-फूंक के जरिए ठीक करने का दावा कर लोगों से पैसे वसूल रहा है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

खुद को वाराणसी और बिहार का रहने वाला बताता है बाबा :-

ग्रामीणों के अनुसार, उक्त बाबा खुद को बिहार और वाराणसी का निवासी बताता है। मीडिया द्वारा पूछताछ किए जाने पर उसने वाराणसी में अपना बड़ा आश्रम होने तथा वहां हजारों भक्तों के आने का दावा किया। हालांकि, उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दबंग के संरक्षण का भी ग्रामीणों ने लगाया आरोप :-

स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि उक्त बाबा को क्षेत्र के एक रसूखदार व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि इसी प्रभाव के चलते गांव से बाहर जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर वहां आश्रमनुमा ठिकाना बनाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की भी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत करने से डरते हैं ग्रामीण :-

इस मामले में बिहारपुर थाना प्रभारी से पत्रकारों ने चर्चा की थाना प्रभारी के अनुसार, अभी तक किसी ग्रामीण ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ग्रामीण कथित तौर पर डर के कारण सामने आने से कतरा रहे हैं।

थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि उन्हें इस गतिविधि की जानकारी है और इसकी सूचना कई बार तहसीलदार को दी जा चुकी है। हालांकि, अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

एसडीएम ने कहा—जांच कर उचित कार्रवाई होगी :-

मामले को लेकर एसडीएम भैयाथान चांदनी कंवर ने पत्रकारों से कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में तथ्य सामने आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में इस पूरे मामले की वास्तविकता क्या सामने आती है और यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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