19 वर्षीया गर्भवती महिला सहित नवजात शिशु की मौत , इंजेक्शन लगवाते ही बिगड़ी तबियत अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग…..
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संचालक :- दीपक गुप्ता …✍️
सूरजपुर :- जिले के रामनगर क्षेत्र की निवासी 19 वर्षीया एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 16 जून को सूरजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसी दिन प्रसव कराने का तारीख उसे दिया था। परिवार के लोग खुश थे, क्योंकि पूजा पहली बार मां बनने वाली थी। इसी बीच उसे अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगी और कुछ ही देर में उसकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसे लेकर परिजनों में जहां मातम पसर गया, वहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर वे आक्रोशित हो गए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मृतका के परिजन का कहना है कि पूजा मानिकपुरी गर्भवती थी। डॉक्टरों ने 16 जून को प्रसव कराने की तारीख दी थी। इसी बीच सुबह उसे घर पर प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर वे उसे सुबह करीब 10:00 बजे सूरजपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान उसे एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
परिजन का कहना है कि इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद पूजा मानिकपुरी की स्थिति गंभीर हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। वहीं नवजात शिशु की भी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजन ने आरोप लगाया कि समय पर बेहतर चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण मां और बच्चे की मौत हुई है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
इंजेक्शन लगाते ही होने लगी उल्टियां :- बताया जा रहा है कि पूजा को इंजेक्शन लगाते ही उल्टियां होने लगी। डॉक्टरों का कहना है कि उल्टी उसके सांस नली में फंस गई और हालत गंभीर होती चली गई। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
पीएम रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट :- इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कपिल देव पैकरा ने पत्रकारों को बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। घटना की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
