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पुलिस पर बिना जांच एफआईआर दर्ज करने का आरोप, महिला ने आईजी से झूठी एफआईआर निरस्त कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग….

झूठी एफआईआर का आरोप: महिला ने आईजी से लगाई गुहार, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग….

CG Samachar24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️

सूरजपुर :- जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खडगवा चौकी के ग्राम खडगवा की निवासी तारा चक्रधारी पति वीरेंद्र चक्रधारी ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को झूठा और द्वेषपूर्ण बताते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने लिखित आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप गलत पाए जाने पर एफआईआर निरस्त करने की मांग की है।

तारा चक्रधारी ने अपने आवेदन में बताया कि 21 फरवरी 2026 को अर्जुन चक्रधारी एवं अन्य लोगों द्वारा खडगवा चौकी में उनके खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(2) के तहत उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। महिला का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह द्वेषपूर्ण है और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश के तहत की गई है।
तारा चक्रधारी का कहना है कि संबंधित घटना में सबसे पहले उन्होंने ही पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन संबंधी मामले को लेकर अर्जुन चक्रधारी, रमेश चक्रधारी, सूर्यबलि,राजकुमार, कौशिल्या, आशा और बुधनी ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कपड़े फाड़े गए और उन्हें अपमानित किया गया। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया।

महिला ने यह भी दावा किया है कि घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शी गवाह और वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जो सच्चाई को स्पष्ट करते हैं। इसके बावजूद बिना उचित जांच और तथ्य परीक्षण के उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट करने वालों ने दबाव बनाने और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से झूठी शिकायत दर्ज कराई है।

आवेदिका ने पुलिस महानिरीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सत्यता की पुष्टि की जाए तथा यदि आरोप प्रथम दृष्टया झूठे पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए। साथ ही उन्होंने झूठी शिकायत करने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।

तारा चक्रधारी का कहना है कि इस पूरे मामले के कारण उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत देने की अपील की है।

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