Headlines

फसल सर्वेक्षण (गिरदावरी) को लेकर भारी अनिमियता धान की फसल लगाए भूमि का रकबा शुन्य , संशोधन कराने किसान काट रहे तहसील कार्यालय का चक्कर…..

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर :- जिले के ब्लॉक मुख्यालय प्रेमनगर और भैयाथान तहसील क्षेत्र में इन दिनों गिरदावरी (फसल सर्वेक्षण) को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने खेतों का भौतिक सत्यापन किए बिना ही कागजों में गिरदावरी पूरी कर दी, जिसके चलते सैकड़ों किसानों का फसल रकबा अचानक शून्य कर दिया गया है। इस ‘अजब-गजब खेल’ ने पूरे इलाके के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है

आदिवासी किसान सबसे ज्यादा प्रभावित :- इस गड़बड़ी का सबसे बुरा असर जनजातीय समुदाय के किसानों पर पड़ा है। कई आदिवासी किसानों ने बताया कि उनके पास वन अधिकार पत्र होने के बावजूद भी, जिस जमीन पर वे वर्षों से खेती कर रहे हैं, उसका रकबा रिकॉर्ड में शून्य दिखा दिया गया है

टोकन कटवाना बंद किसान अब काट रहे तहसील कार्यालय के चक्कर :- भैयाथान तहसील क्षेत्र के किसानों का कहना है कि उनकी फसल खेतों में खड़ी हैं, कुछ किसान धान की कटाई – मिसाई भी करवा चुके हैं जब वे टोकन कटवाने उपार्जन केन्द्र पहुंचे तो उन्हें पता चला कि जिस खेत वे धान की फसल लगाये थे उस खसरा नंबर के रिकॉर्ड में रकबा ही गायब है। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण धान खरीदी के लिए उनके टोकन नहीं कट रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
जब किसान सुधार के लिए समिति और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, तो उन्हें निराशा हाथ लग रही है। समिति से उन्हें तहसील भेजा जाता है, और तहसील में “पहले तहसीलदार से मार्क करवा कर लाओ” कहकर टाल दिया जाता है। किसान बताते हैं कि वे कई दिनों से भटक रहे हैं, लेकिन न तो तहसीलदार मिल रहे हैं और न ही सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है ।

अनाप-शनाप एंट्री और जाँच की मांग :- ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड में “अनाप-शनाप एंट्री” कर दी गई है और अभी भी भौतिक सत्यापन लंबित दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर किसी अधिकारी ने निरीक्षण किया ही नहीं है।
किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है । परेशान किसानों का कहना है कि गिरदावरी के पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच हो तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
वहीं किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पुनः तत्काल भौतिक सत्यापन कराकर रकबा बहाल किया जाए, ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से शुरू हो सके ।
साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है कि रकबा संशोधन का समय बहुत कम बचा है, और यदि जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल जिले के प्रेमनगर और भैयाथान के किसान प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था के बीच फंसे हुए हैं, जिसका सीधा असर जिले की धान खरीदी व्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top