ठेकेदारों की मनमानी या प्रशासन की लापरवाही…? मुआवजा बिना ही हो रहे निर्माण कार्य…..
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- जिले के भैयाथान और ओड़गी क्षेत्र में इन दिनों ठेकेदारों द्वारा एक नई परंपरा की शुरुआत कर दी गई है। इसे ठेकेदारों की मनमानी कहा जाए या प्रशासन की लापरवाही—यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
स्थिति यह है कि सड़क, पुलिया और एनीकट जैसे निर्माण कार्यों में गांव के भू-स्वामियों की भूमि अधिग्रहित तो कर ली जाती है, लेकिन मुआवजा देने में भारी देरी की जा रही है। जबकि नियमानुसार किसी भी निर्माण कार्य से पहले किसानों की सहमति लेकर उन्हें मुआवजा देना प्राथमिकता होती है, इसके बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए।
इसके विपरीत, ठेकेदार अपनी मनमानी और दबंगई के बल पर सीधे निर्माण कार्य शुरू कर देते हैं और मुआवजे की राशि वर्षों तक लंबित रहती है। इसका खामियाजा भूमिस्वामी लंबे समय से भुगत रहे हैं।
ताजा मामला ग्राम गंगोटी से शिवपुर नवापारा सड़क निर्माण का है, जहां 57 किसानों को अब तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है, बावजूद इसके निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
वहीं दूसरा मामला बिलासपुर-ओडगी पहुंच मार्ग पर रेहड़ नदी में बन रहे उच्च स्तरीय पुलिया का है, जहां पुल निर्माण कार्य में छह किसानों की भूमि पर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर ही काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
तीसरा मामला ग्राम जूर का है, जहां गोबरी नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2016 में एनीकट का निर्माण किया गया था। इस कार्य में 23 किसानों को लगभग 66 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाने थे, लेकिन लगभग दस वर्ष बीत जाने के बाद भी किसानों को राशि प्राप्त नहीं हो सकी है।

इन मामलों से साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार विभाग व प्रशासन इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन किसानों को समय पर मुआवजा क्यों नहीं मिल रहा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए लंबित मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में भैयाथान एसडीएम चांदनी कवंर ने पत्रकारों को बताया कि गंगोटी सड़क निर्माण कार्य में भू अर्जन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है ओड़गी बिलासपुर पुलिया निर्माण में जांच का कराकर नियमानुसार कार्रवाही की जाएगी। जूर का प्रकरण पुराना है प्रकरण के अवलोकन के पश्चात ही कुछ बता पाऊंगी।
