कठोरी पूजा पर्व बना पारंपरिक आस्था और एकता का पर्व , अच्छी बारिश और समृद्धि कि की गई कामना…..
CG Samachar 24.in
संचालक :-दीपक गुप्ता….✍️
भैयाथान :- विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा के झेझरीपारा मोहल्ले में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी कठोरी पूजा पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक भागीदारी के साथ मनाया गया। यह विशेष पर्व ग्राम देवता की आराधना तथा कृषि कार्यों की शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जिसमें पूरे गांव की आस्था और विश्वास झलकता है।
पर्व के अवसर पर गांव के प्रत्येक घर से धान एकत्र कर विधिवत रूप से ग्राम के महादेव स्थल पर लाया गया। गांव के बैगा के द्वारा पूजा अर्चना किया जाता है ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होने लगे गांव के बैगा के द्वारा विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई, जिसमें गांव के सभी ग्रामीणों उपस्थित रहे
इस पूजा का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्ष में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, पशुधन की वृद्धि तथा गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखना है। ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि कठोरी पूजा करने से प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है तथा खेती-किसानी में उन्नति होती है।

इस दौरान गांव के बुजुर्गों ने युवाओं को इस परंपरा का महत्व बताते हुए इसे आगे भी इसी तरह निभाने का संदेश दिया। बच्चों की भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह पर्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया।
सभी ग्रामीणों ने मिलकर गांव की खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और आपसी सहयोग की मिसाल देखने को मिली।
कठोरी पूजा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक विरासत, सामूहिक एकता और प्रकृति के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है। बड़सरा गांव झेझरीपारा मोहल्ले में यह पर्व हर वर्ष नई ऊर्जा और उम्मीद के साथ मनाया जाता है, जो ग्रामीण जीवन की गहराई और परंपराओं की मजबूती को दर्शाता है।
