जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सराहनीय पहल – रात के अंधेरे में भटक रही विक्षिप्त महिला को मिला सुरक्षित आश्रय
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ( डीएलएसए ) सूरजपुर ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है। अध्यक्ष / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विनीता वार्नर के दूरदर्शी मार्गदर्शन और सचिव डीएलएसए, कु० पायल टोपनों के त्वरित दिशा – निर्देशन में, रात के अंधेरे में भटक रही एक विक्षिप्त महिला को तत्काल रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेन्टर सूरजपुर में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया। यह घटना स्थानीय प्रशासन, पुलिस और जागरूक नागरिकों के उत्कृष्ट समन्वय की कहानी बयां करती है।
व्हाट्सएप से मिली पहली सूचना घटना की शुरूआत शनिवार देर रात हुई। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप पर एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें ग्राम उमापुर में एक अज्ञात विक्षिप्त महिला के भटकने की जानकारी और उसकी तस्वीर थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में कार्यरत अधिकार मित्र सत्य नारायण ने इस पोस्ट को गंभीरता से लिया और तुरंत सचिव कु० पायल टोपनो को इसकी जानकारी दी। सचिव ने बिना समय गंवाए इसे अतिसंवेदनशील मामला मानते हुए महिला का पता लगाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

बीते रविवार की रात 8:00 बजे ग्राम मोरगा से हुई पहचान पूरे दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम महिला का पता लगाने में जुटी रही। दूसरे दिन रविवार की रात लगभग 8:00 बजे, ग्राम मोरगा के एक जागरूक नागरिक पिंटू राजवाड़े ने अधिकार मित्र को फोन पर बताया कि वही महिला उनके गांव में भटक रही है। सूचना मिलते ही सचिव कु० पालय टोपनो ने मानवता को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के महिला को तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर सखी रेन्टर लाने का निर्देश दिया, ताकि उसक आवश्यक देखभाल और चिकित्सा सहायता मिल सके।
रामानुजनगर पुलिस की त्वरित कार्यवाही सचिव के निर्देश पर अधिकार मित्र सत्य नारायण ने तत्काल थाना रामानुजनगर से संपर्क साधा। थाना प्रभारी एल. लकड़ा एवं थाने में पदस्थ एएसआई मनोज कुमार पोर्ते ने इस संवेदनशील सूचना पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने न केवल तुरंत रेस्क्यू टीम भेजी, बल्की इस मानवीय मिशन में हर संभव सहयोग भी किया।
रेस्क्यू टीम में अधिकार मित्र आशा गोंड, सत्य नारायण और पुलिस के प्रधान आरक्षक राम जनत प्रधान एवं आरक्षक गणेश सिंह ने सुयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और सफलतापूर्वक महिला को रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेन्टर पहुँचाया, जहाँ अब वह सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है
यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ये सिद्ध करता है कि सूरजपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिले की पुलिस और जनता मिलकर समाज के सबसे कमजोर व्यक्तियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का निर्माण कर रहे हैं ।
