जीजा और उसके पिता ने मिलकर की थी साले की हत्या न्यायधीश ने पांच वर्ष बाद सुनाई आजीवन कारावास की सजा…..
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संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बांगो बांध के डुबान क्षेत्र छोटे छुरी में 11 सितंबर 2021 को एक युवक की लाश मिली थी। उसके गले में रस्सी बंधी थी। पुलिस ने उसकी शिनाख्त करने के बाद छानबीन की तो पता चला कि युवक की हत्या उसके ही जीजा ने की है। पुलिस ने आरोपी जीजा और उसके पिता को गिरफ्तार किया था। हत्या करने के बाद आरोपी ने पिता के साथ मिलकर शव को बोरे में भरा और साइकिल समेत डेम में फेंक दिया था। मामले की सुनवाई न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर द्वारा की गई। इसमें 5 जून को अहम फैसला सुनाते ही न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास तथा उसके पिता को 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दरअसल प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बलदेवनगर निवासी मनोज उरांव ने 11 सितंबर 2021 को थाने में सूचना दी कि बांगो बांध के डुबान छोटे छुरी में एक व्यक्ति का पैर पानी के ऊपर दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने उसकी पहचान रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हनुमानगढ़ निवासी सुरेंद्र यादव पिता हीरा साय उम्र 22 वर्ष के रूप में की थी। पुलिस ने मामले में मृतक के जीजा अंबिकापुर निवासी सुखसाय उर्फ गंवटिया बरगाह तथा उसके पिता महावीर बरगाह को गिरफ्तार कर आईपीसी धारा 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बांगो बांध के डुबान क्षेत्र छोटे छुरी में 11 सितंबर 2021 को एक युवक की लाश मिली थी। उसके गले में रस्सी बंधी थी। पुलिस ने उसकी शिनाख्त करने के बाद छानबीन की तो पता चला कि युवक की हत्या उसके ही जीजा ने की है। पुलिस ने आरोपी जीजा और उसके पिता को गिरफ्तार किया था। हत्या करने के बाद आरोपी ने पिता के साथ मिलकर शव को बोरे में भरा और साइकिल समेत डेम में फेंक दिया था। मामले की सुनवाई न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर द्वारा की गई। इसमें 5 जून को अहम फैसला सुनाते ही न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास तथा उसके पिता को 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दरअसल प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बलदेवनगर निवासी मनोज उरांव ने 11 सितंबर 2021 को थाने में सूचना दी कि बांगो बांध के डुबान छोटे छुरी में एक व्यक्ति का पैर पानी के ऊपर दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने उसकी पहचान रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हनुमानगढ़ निवासी सुरेंद्र यादव पिता हीरा साय 22 वर्ष के रूप में की थी। पुलिस ने मामले में मृतक के जीजा अंबिकापुर निवासी सुखसाय उर्फ गंवटिया बरगाह तथा उसके पिता महावीर बरगाह को गिरफ्तार कर आईपीसी धारा 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले मे न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के कोर्ट में हुई। इसमें 5 जून को दोषसिद्ध पाए जाने पर आरोपी सुखसाय उर्फ गंवटिया को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के आरोप में आजीवन कारावास, धारा 201, 34 के आरोप में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 200 रुपए का अर्थदंड तथा उसके पिता महावीर को धारा 201, 34 भारतीय दंड संहिता के आरोप में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 100 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
पुलिस की विवेचना में यह बात पता चली कि 5 सितंबर 2021 को मृतक सुरेंद्र यादव अपने जीजा सुखसाय उर्फ गंवटिया के घर अंबिकापुर आया था। यहां से भांजे को लाने जीजा के साथ प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम विंध्याचल चले गए थे। दूसरे दिन जीजा अपने लडक़े साथ घर लौट आया था।
जब पत्नी ने पूछा कि मेरा भाई कहां है तो उसने कहा कि वह प्रेमनगर से अपने घर चला गया। 6वें दिन सुरेंद्र यादव का शव मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि 5 सितंबर की रात ग्राम विंध्याचल में सुखसाय ने सुरेंद्र के पिता के मेडिकल दस्तावेज फाड़ दिए थे। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा।
इसी बीच आरोपी ने साले के सिर पर लकड़ी से प्रहार कर दिया और रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने उसने शव को बोरे में भरा और पिता महावीर के साथ मिलकर रात में साइकिल से लेकर बांध के डुबान क्षेत्र में पहुंचा। यहां साइकिल समेत शव डेम में फेंक दिया था।
