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गाँव मे लोक नृत्य करमा की रही गुंज 17 दलों ने दी अपनी प्रस्तुति….

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर :- जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा में बीते शनिवार को आयोजित सार्वजनिक करमा प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि लोक परंपराएं केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाली मजबूत सांस्कृतिक कड़ी हैं। विधिवत करम डार की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए इस आयोजन में गांव-गांव से आए करमा दलों की प्रस्तुतियों ने सरगुजा अंचल की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच जगनारायण सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील साहू, सोनू जायसवाल, रामाशंकर यादव, रामू गोस्वामी, विनय जायसवाल, रमेश यादव, बैगा सहित अन्य अतिथियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हुआ। सरस्वती करमा दल झेंझरीपारा के नेतृत्व और ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दिया।

इस संबंध में मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने कहा कि करमा हमारी मिट्टी, हमारी पहचान और हमारी आस्था का प्रतीक है। जब तक लोकसंस्कृति जीवित है, तब तक समाज की आत्मा जीवित रहती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में संस्कार, एकता और परंपरा का संचार करते हैं।उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए निरंतर ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।जिला पंचायत सदस्य अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि लोक नृत्य और लोकगीत समाज की आत्मा होते हैं। करमा जैसे आयोजनों से संस्कृति मंच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लोगों के दिलों में बसती है। इससे सामाजिक समरसता बढ़ती है और युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है। आपको बताते चलें कि प्रतियोगिता में विभिन्न ग्रामों से आए 17 करमा दलों ने ऊर्जावान और मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य राजू गुप्ता, इंद्रावती राजवाड़े, विजय जायसवाल, संदीप कुशवाहा, मनीष यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अंत में आयोजक समिति द्वारा अतिथियों का तिलक व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया।

करमा प्रतियोगिता का ये रहा परिणाम :- उक्त प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सती करमा दल, गंगोटी ने हासिल किया और उसे पुरस्कार बतौर 10,000 रूपए तों वहीं द्वितीय स्थान लोक निरंजन करमा दल, अर्जुनपुर ने हासिल किया उसे भी पुरस्कार बतौर 6,000 रूपए और तृतीय स्थान जय मां महामाया करमा दल, चैनपुर ने हासिल किया उसे भी पुरस्कार बतौर 4,000 रूपए दिया गया साथ ही सभी प्रतिभागी करमा दलों को सांत्वना राशि प्रदान की गई और भोजन उपरांत सम्मानपूर्वक विदा किया गया।कुलमिलाकर यह आयोजन स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ वर्तमान पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण और प्रेरक पहल बनकर सामने आया।

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