अवैध संबंध के शक मे पति – पत्नी की लड़ाई पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी पति की हत्या न्यायधीश ने दोनों आरोपियों को सुनाई दो वर्ष का सश्रम कारावास की सजा 10 – 10 हजार रुपये के अर्थदंड से किया दण्डित…
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संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- दिनांक 03 जनवरी 2024 को ग्राम नमदगिरी निवासी नरेश देवांगन ने थाना सूरजपुर में सूचना दिया कि सुनील देवांगन दिनांक 02 जनवरी 2024 के शाम 7:00 बजे घुमने निकलने पश्चात रात भर घर नहीं आने पर सबेरे 8:00 बजे करीब विजय शौच करने सोहन के खेत तरफ गया था तो देखा कि खेत में एक व्यक्ति को मरे हालत में मिलने पर सरपंच पति के जाकर देखने पर सुनील देवांगन का शव होना ज्ञात होने की सूचना पर मर्ग क्रमांक 01/2024 कायम कर शव का पीएम कराया गया जो डॉक्टर के द्वारा शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक लेख किए जाने पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 302 भादवि. का पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
मामले की विवेचना निरीक्षक थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे के द्वारा की गई। विवेचना दौरान मौके पर डॉग स्क्वाड की सहायता लेने पर डॉग मास्टर द्वारा मृतक सुनील देवांगन के कमरे में एवं पत्नी लक्ष्मी देवांगन की ओर इंगित करने एवं मुखबीरों द्वारा भी मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवांगन तथा रामकुमार के साथ संबंध होने की सूचना पर लक्ष्मी देवांगन से पूछताछ पर उसने जुर्म स्वीकार कर बताया कि उसका रामकुमार से संबंध होने एवं इसके बारे में पति सुनील को शक होने पर झगड़ा-विवाद करने, दोनों के द्वारा सुनील को मारने की योजना बनाकर गमछा से सुनील के गले को दबाकर हत्या करना एवं लाश को कुछ दूर ले जाकर खेत में लिटा दिया। इसके अलावा प्रकरण में अन्य पुख्ता साक्ष्य संकलित करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय सूरजपुर में पेश किया। प्रकरण का संचालन अपर लोक अभियोजक के.के.नाविक द्वारा किया गया।

इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश डायमंड कुमार गिलहरे, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुये प्रकरण में डॉग क्वार्ड, फारेसिंक एविडेंश, कॉल डिटेल के आधार अपराध सिद्ध होने से आरोपी रामकुमार केंवट पिता स्व. गोपाल उम्र 32 वर्ष एवं लक्ष्मी देवांगन पति स्व. सुनील उम्र 28 वर्ष दोनों निवासी ग्राम नमदगिरी थाना सूरजपुर को धारा 302, 34 भादसं. के अपराध हेतु आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रूपये के अर्थदण्ड, धारा 201, 34 भादसं के अपराध हेतु 2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 10-10 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है ।
