कोरिया में तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू होते ही सूरजपुर के सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण भी हरा सोना तोड़ने जुटे, लेकिन कोरिया में बेचने से रहते हैं वंचित….
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संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर / भैयाथान :- कोरिया जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य शुरू होते ही सीमावर्ती सूरजपुर जिले के बड़सरा,बसकर के ग्रामीण भी जंगलों में हरा सोना तोड़ने में जुट गए हैं। दरअसल, कोरिया जिले में तेंदूपत्ता पहले तोड़ा जाने लगता है, जिससे सूरजपुर सीमा से लगे गांवों के लोग भी क्षेत्र के तेंदूपत्ता टूट जाने के डर से जल्दबाजी में तेंदूपत्ता तोड़ना शुरू कर देते हैं।यह सिलसिला बीते कई सालों से चल रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर वे कोरिया जिले के समय पर तेंदूपत्ता नहीं तोड़ेंगे तो उस जिले के लोग हमारे क्षेत्र से तेंदूपत्ता तोड़कर ले जाएंगे और बाद में हमें पत्ता ही नहीं मिलेगा या खराब पत्ते ही मिल सकेगा। जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि समस्या यह है कि इन ग्रामीणों के पास कोरिया जिले का तेंदूपत्ता संग्रहण कार्ड नहीं बन पाता है, जिस वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं और बोनस जैसे लाभ नहीं मिल पाते फिर भी मजबूरी में ये ग्रामीण तोड़ी गई गड्डियाँ कोरिया जिले के किसी परिचित व्यक्ति के कार्ड में ही बेच देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे इन लोगों को भी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके और अवैध बिक्री की नौबत न आए।
स्थानीय प्रशासन से बड़सरा, बसकर सहित सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपील की है कि उन्हें भी अस्थायी रूप से कोरिया जिले के कार्ड दिए जाएं या फिर तोड़ाई की तिथि सूरजपुर में भी समन्वय के साथ तय की जाए, जिससे उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।
इस संबंध में तेंदूपत्ता संग्रहण के प्रबंधक मो. इस्तियाक ने पत्रकारों से कहा कि तेंदूपत्ता नहीं टूटे इसकी रक्षा गांव वाले स्वयं करें और अपने जिले में ही हरा सोना बेचे।जंगल बिक चुका है ठेकेदार आएंगे तभी तो खरीदी शुरू होगी।
