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नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी पुलिस एफआईआर दर्ज कर जुटी जांच में…

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️

सूरजपुर :- सरकारी नौकरी के नाम पर युवाओं को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज का भंडाफोड़ हुआ है।
मिली जानकारी के अनुशार ग्राम सपकरा निवासी रमेश कुमार ने सूरजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि हेमंत नेताम नामक युवक ने खुद को “आदिवासी उत्थान संस्थान छत्तीसगढ़ का प्रदेशाध्यक्ष” बताकर वन विभाग में वनरक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे 3 लाख रुपये की ठगी कर ली।

ठगी की पटकथा :- परिचय से विश्वास, और फिर विश्वासघात , रमेश कुमार ने बताया कि हेमंत नेताम उसका पुराना परिचित है, जो पहले विश्रामपुर के एक स्कूल में उसका सहपाठी था। दिसंबर 2021 में हुई मुलाकात में हेमंत ने खुद को आदिवासी उत्थान संस्थान का प्रदेशाध्यक्ष और प्रभावशाली मंत्रियों से घनिष्ठ संबंध वाला बताया। इसी दौरान जब रमेश ने उसे बताया कि उसने फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती के लिए आवेदन किया है, तो हेमंत ने कहा कि वह उसे 6 लाख रुपये में नौकरी दिला सकता है।

रमेश के अनुसार, 27 जनवरी 2022 को वह अपने रिश्तेदार गौतम प्रसाद के साथ हेमंत के घर गया, जहाँ भारतीय स्टेट बैंक, सूरजपुर स्थित हेमंत के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस राशि के भुगतान के बाद भी हेमंत लगातार उसे झूठे आश्वासन देता रहा – कभी कहा कि उसका नाम चयन सूची में आ गया है, कभी कहा कि मंत्री ने फाइल पास कर दी है। बाद में जब रमेश ने बाकी रकम देने से मना किया, तो हेमंत ने कहा कि वह अक्टूबर 2022 में पैसे लौटा देगा। लेकिन न नौकरी मिली, न ही पैसे वापस हुए।

पुलिस जांच में खुलासा, एफआईआर दर्ज :- शिकायत के आधार पर सहायक उप निरीक्षक नंदलाल सिंह द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथमदृष्टया सत्य पाए गए। हेमंत नेताम द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ठगना प्रमाणित हुआ। थाना सूरजपुर में आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।

बड़ा सवाल :- क्या यह अकेला मामला है या जालसाजी का पूरा नेटवर्क? – हेमंत नेताम द्वारा अपने को किसी संस्था का प्रदेशाध्यक्ष बताना, नेताओं के नाम लेकर लोगों को गुमराह करना और बेरोजगारों से लाखों वसूलना इस बात का संकेत है कि यह महज एक व्यक्ति का अपराध नहीं बल्कि एक सुनियोजित रैकेट का हिस्सा हो सकता है। पुलिस की जांच इस दिशा में आगे बढ़ेगी या नहीं यह देखना बाकी है

आवेदक की मांग कठोर कानूनी कार्रवाई हो :- रमेश कुमार ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा इस तरह की धोखाधड़ी के शिकार अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी न्याय दिलाया जाए।

आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा है ताकि अगला शिकार आप न बनें!

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