राशन कार्ड मे नामिनी का एसा खेल – कही मृतक के नाम से उठाव हो रहा राशन तो कही पति – पत्नी के अलग – अलग बने हैं राशन कार्ड इधर असल जरुरतमंद खाद्यान्न से हैं वंचित….
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संचालक – दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर :- भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा में मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन वितरण किया जा रहा है। वहीं जरूरतमंद पात्र हितग्राही इस योजना से वंचित रह गए हैं। हर महीने राशन वितरित करने वाले हितग्राहियों के नाम में मृतक मानकुंवर और देवमत के नाम शामिल हैं। इनकी मृत्यु के बाद भी हर महीने लगातार राशन उठाया जा रहा है।
आपको बता दें कि मानकुंवर की मृत्यु दो साल पहले हो चुकी है। इसके बावजूद नामिनी में दर्ज बेटा बाबूलाल पॉश मशीन में अंगूठा लगाकर मृतिका के नाम से राशन उठा रहा है। इसी तरह देवमत की मृत्यु 31 अक्टूबर 2020 को हो गई थी पर जनवरी 2024 में उनके नाम से नया राशन कार्ड बनाकर 16 माह से नियमित राशन उठाव किया जा रहा है। यह न केवल सिस्टम की विफलता दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी प्रमाण है।
इसके अलावा बड़सरा में एक और गंभीर अनियमितता उजागर हुई है, जहां एक ही घर में पति-पत्नी के नाम से अलग-अलग राशन कार्ड बनाकर राशन उठाव कर दोहरा लाभ लिया जा रहा है बताया तो ये भी जा रहा कि नामिनी का फायदा इस कदर उठाया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला किसी और परिवार से है तो नामिनी का लाभ कोई और परिवार उठा रहा है । परत दर परत शिकायत के बाद ही कड़ियाँ खुल कर सामने आ रही है
विदित हो कि बड़सरा के सरकारी राशन दुकान पर कुछ दिन पहले ही चना वितरण का मामला सामने आया था।

इधर राशन कार्ड में नामिनी नहीं जुड़ा, बुजुर्ग को नहीं दे रहे राशन :– राशन वितरण प्रणाली में इस फर्जीवाड़े से सैकड़ों जरूरतमंद हितग्राहियों का हक मारा जा रहा है, जो पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। गांव के 90 वर्षीय रघुवर गोस्वामी बीते 10 महीने से राशन से वंचित हैं, क्योंकि राशन कार्ड में नामिनी नहीं जुड़ सका है। यह दर्शाता है कि जहां एक ओर अपात्र व्यक्ति लाभ उठा रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर असल जरूरतमंद उपेक्षित रह गए हैं।
वहीं इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी संदीप भगत ने पत्रकारों से कहा कि इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करेंगे और मृतकों के नाम राशन वितरण सूची से हटाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
