ठेकेदार की लापरवाही से गहरे पानी मे डुबा युवक हुई मौत….
CG Samachar 24.in
संचालक : – दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- जिला स्थित कुदरगढ़ धाम में दर्शन के लिए आ रहे अंबिकापुर के परिवार के एक सदस्य के साथ बड़ा हादसा हो गया। दरअसल गोखनई नदी पर निर्माणाधीन पुल के बगल में रेत निकालकर छोड़े गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। दरअसल परिवार के सभी सदस्य कुदरगढ़ धाम पहुंचने से पहले उक्त स्थल पर रूक कर नहा रहे थे, इसी दौरान ये हादसा हो गया। इससे परिवार में मातम पसरा हुआ है। अब उस ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग हो रही है जिसने बेतरतीब ढंग से खोदाई की, जिससे वहां बड़े-बड़े खाईनुमा गड्ढे हो गए हैं।
बीते 9 अप्रैल को अंबिकापुर घुटरापारा निवासी कन्हैया प्रसाद जायसवाल अपने दो पुत्र रोहित जायसवाल 18 वर्ष, रिशु जायसवाल, मां व अन्य सदस्यों के साथ कुदरगढ़ी माता के दर्शन के लिए घर से सुबह निकले थे। तभी रास्ते में मंदिर से 5 किलोमीटर पहले गोखनई नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल के बगल में रूक गए।
यहां ठेकेदार द्वारा रेत निकालने हेतु बेतरतीब ढंग से की गई खोदाई से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस कारण वहां पानी का ठहराव हो गया है, लगभग 15 फीट गहरे खाईनुमा गड्ढों में पानी भरा हुआ है। यहां नदी जैसा ही पानी देखकर जायसवाल परिवार के सभी सदस्य स्नान करने लग गए।

इसी बीच गहराई का अंदाजा न होने के कारण रोहित जायसवाल का पैर फिसलने से वह डूबने लगा, यह देखकर पिता व बड़े भाई ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी डूबने लगे। यह देखकर वहां कुछ दूरी पर मौजूद अन्य लोगों ने सभी को बाहर निकाला, लेकिन रोहित की मौत हो चुकी थी।
इस घटना से परिवार सदमे में आ गया, सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन को सौंप दिया।
निर्माणाधीन पुल के बगल में रेत निकालने हेतु ठेकेदार द्वारा बेतरतीब ढंग से खोदाई कराई गई है। इसकी वजह से वहां खाईनुमा गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी भरा हुआ है। इस खतरनाक स्थिति के बावजूद वहां किसी प्रकार का सूचना पटल नहीं लगा हुआ है।
मृतक के पिता ने बिलखते हुए कहा कि हम हर साल यहां आते हैं, पहले तो ऐसे जानलेवा गड्ढे नहीं थे। मेरा तो छोटा बेटा चला गया, लेकिन इस घोर लापरवाही के लिए प्रशासन को ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

सड़क व पुलिया के निर्माण कार्य की गति धीमी :- पिछले दो-तीन वर्षों से कुदरगढ़ मार्ग पर सड़क व पुलियों का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। इससे दर्शनार्थियों के साथ धूल, गड्ढों व निर्माण सामग्री बिखरे पड़े रहने के कारण आने-जाने में दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। बीते दिनों कुदरगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ था।
इसमें मंत्री से लेकर पूरे जिले के अधिकारी-कर्मचारियों का आना-जाना इसी मार्ग से होता रहा, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण स्थिति आज भी जस की तस है। आने वाले दिनों में वैशाख नवमी का मेला लगेगा, जिससे फिर से दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहेगी।
