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अशिक्षित महिलाओं के नाम ऋण स्वीकृत कराकर धोखाधड़ी का आरोप ज्ञापन सौप कड़ी कार्यवाही की मांग….

CG Samachar24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️

सूरजपुर :- जिले के विकासखंड भैयाथान क्षेत्र में गरीब व अशिक्षित महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम तरका की लगभग 100 महिलाओं के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर प्रत्येक से 42-42 हजार रुपये का ऋण लेकर राशि के गमन का आरोप लगाया गया है। पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैयाथान को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार आवेदिकागण ग्राम तरका के मूल निवासी हैं, जबकि अनावेदिका ग्राम खड़ापारा की निवासी बताई गई है। दोनों पक्ष पूर्व से परिचित हैं। आरोप है कि अनावेदिका ने महिलाओं की अशिक्षा और सरलता का फायदा उठाते हुए उन्हें बहला-फुसलाकर बैंक स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड, शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया में खाते खुलवाए। इसके बाद 3 फरवरी 2024 को ग्राम तरका की करीब 100 महिलाओं के नाम से 42-42 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर पूरी राशि आहरित कर ली गई।

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्हें न तो ऋण स्वीकृति की जानकारी थी और न ही उन्होंने किसी प्रकार की लिखित या मौखिक सहमति दी थी। उनके नाम का दुरुपयोग कर ऋण लेकर राशि का गमन किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के माध्यम से उन्हें प्री-लिटिगेशन नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस का प्रकरण क्रमांक 134780/2025 है, जिसमें लोक अदालत के माध्यम से ऋण निराकरण की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने कभी कोई ऋण नहीं लिया, फिर भी उन्हें कानूनी नोटिस भेजा जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि बिना उनकी जानकारी और सहमति के उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रही हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कर अनावेदिका सहित बैंक व ऋण प्रक्रिया से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि निर्दोष महिलाओं को राहत मिल सके।

इस मामले के उजागर होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस गंभीर धोखाधड़ी प्रकरण में दोषियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है तथा पीड़ित महिलाओं को न्याय कब तक मिल पाता है।

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