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फांसी लगाकर आत्महत्या मामले मे जब नही हुई कार्यवाही तब पिड़ित पिता पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार सुसाइड नोट के तथ्य पर कार्रवाई करने की मांग…

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️

सूरजपुर :- जिले के भटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम केवटाली पोस्ट सलका निवासी राजेंद्र प्रसाद प्रजापति (उम्र 25 वर्ष, जाति कुम्हार) ने 4 जुलाई 2025 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है ।

मृतक के पिता देवलाल प्रजापति, थाना भटगांव ने 8 जुलाई 2025 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। की उनके पुत्र को मानसिक रूप से कई अन्य ने मिलकर बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था उनका आरोप है कि उनके बेटे राजेंद्र प्रसाद की आत्महत्या के पीछे कई लोग जिम्मेदार हैं ।

देवलाल के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने कुछ व्यक्तियों के नाम लिखे थे। इनमें राहुल ठाकुर, विकास ठाकुर, ग्राम सिरसी चौकी बसदेई निवासी प्रेम ठाकुर का नाम सामने आया है ।

देवलाल ने बताया कि उनका बेटा सिर्फ आठवीं कक्षा तक पढ़ा था, इस कारण संभव है कि उसने सुसाइड नोट में सबकुछ स्पष्ट शब्दों में नहीं लिख पाया हो। फिर भी आरोपियों के नाम दर्ज हैं, जिससे यह साफ है कि उनकी प्रताड़ना के कारण राजेंद्र ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया ।

मृतक ने अपने आखिरी समय पर जिस सुसाइड नोट पर उक्त युवकों का नाम अंकित किया है इसे साफ जाहिर है कि मृतक को इन युवकों ने मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित किया है ।

शिकायत दर्ज किए जाने के बाद भी थाना भटगांव पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। कार्रवाई न होने से नाराज पिता देवलाल ने अब पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि थाना प्रभारी भटगांव को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए जाएँ ।

देवलाल प्रजापति ने कहा – “मेरे बेटे ने मौत से पहले साफ-साफ नाम लिखा था कि किसकी वजह से वह यह कदम उठा रहा है। पढ़ाई कम होने के कारण शायद वह विस्तार से नहीं लिख पाया, लेकिन नाम साफ-साफ हैं। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हम चाहते हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले।

परिवार का आरोप है कि पुलिस सुसाइड नोट के हस्ताक्षर मिलान के लिए बार-बार कागजात मांग रही है, जबकि मृतक ने पहले से ही परिवार न्यायालय में अपने हस्ताक्षर किए हुए हैं। परिवार का सवाल है कि जब न्यायालय के दस्तावेजों में साइन उपलब्ध हैं तो फिर पुलिस उन्हें मान्यता क्यों नहीं दे रही है ।

ग्रामीणों का भी कहना है कि इतना गंभीर मामला होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों कर रही है, यह समझ से परे है ।

पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के बाद मृतक के पिता ने न्याय की आस लगाई है ।

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