अम्माखोखा मे पुलिया नहीं होने से बारिश के दिनों में कट जाता है गांव का संपर्क मोहल्लेवासियों को हर बरसात झेलनी पड़ रही है परेशानियां….
ग्रामीण बोले – हर साल करते हैं मांग, लेकिन हर बार सुनवाई से पहले डूब जाता है रास्ता…
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता….✍️
सूरजपुर :- विकासखंड भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा के अम्माखोखा मोहल्ले के ग्रामीण हर साल बरसात के साथ वही पीड़ा झेलते हैं टूटा हुआ संपर्क, कीचड़ से लथपथ रास्ता और पुलिया के अभाव में बंद होती चारपहिया वाहनों की आवाजाही। गांव तक पहुंचने वाला यह एकमात्र मार्ग कई वर्षों से उपेक्षा का शिकार है और हालात इतने बदतर हो गए हैं कि ग्रामीणों के लिए जरूरी सेवा और सुविधा भी इस मौसम में सपना बन जाती है। बरसात के दिनों में अम्माखोखा गोंड़ पारा पहुंच मार्ग के झांपी माढ़ा नाला पर ढलान होने के कारण बरसाती पानी का बहाव सीधा रास्ते पर आता है, जिससे सड़क कट जाती है जहां दो से तीन फीट तक गड्ढे बन जाते है, वहीं कीचड़ और गड्ढों से अटल चौक तक पूरी सड़क दलदल में बदल जाती है जिसके कारण मोहल्ले का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इसमें सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार, बुजुर्गों और किसानों को होती है। बीमार व्यक्ति को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। ट्रैक्टर और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं मोहल्ले तक नहीं पहुंच पातीं।एक वर्ष पहले मनरेगा योजना से इस मार्ग पर मिट्टी डालने और समतलीकरण की स्वीकृति मिली थी, जिससे कुछ उम्मीद जगी थी। लेकिन कार्य शुरू होने से पहले ही स्वीकृत कार्य को निरस्त कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में निराशा का माहौल है।

मोहल्ले के ग्रामीणों ने रामप्रसाद सिंह,धर्मजीत सिंह,समय लाल सिंह, सुखलाल गोंड,धर्मसिंह ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि अम्माखोखा पहुंच मार्ग को संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए और यहां स्थायी पुलिया का निर्माण कर सड़क मार्ग को मजबूत किया जाए, ताकि हर वर्ष बरसात में गांव का संपर्क न कटे और लोग सुविधाजनक जीवन जी सकें।
इसे गंभीर समस्या मानते हुऐ ग्राम पंचायत बड़सरा के सरपंच जगनारायण सिंह ने पत्रकारों से कहा कि झांपीमाढ़ा नाला पर पुलिया बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि बरसात के दिनों में मोहल्ला कट जाता है। वर्तमान में सड़क सुविधा गांव के जीवन और हक की बात है।
