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किसानों के खातों में फसल बीमा का ₹1.18 करोड़ आया मुआवजा राशि बैंक अफसरों ने निकाल लिया मामला 5 वर्षों से लंबित….

CG Samachar 24.in

संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️

सूरजपुर / भैयाथान :-  जिले के ओड़गी और भैयाथान इलाके के 25 गांव के किसानों की फसल बर्बाद होने पर उनके खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आए करोड़ों रुपए 5 साल बाद भी किसानों को नहीं मिल सका है।
जिससे करीब 172 से अधिक किसान परेशान हैं और फसल बर्बाद होने के एवज में मिलने वाले मुआवजे की मांग को लेकर मंत्री, विधायक, कलेक्टर और बैंक के दफ्तर में चक्कर काट रहे हैं। पांच सालों में अभी तक कुछ मिला है तो वह है आश्वासन। बता दें 2019 में सूरजपुर जिले के भैयाथान, ओड़गी और बिहारपुर इलाके के ग्राम पंचायत नवापारा, बिरमताल और खडगवां सहित 25 गांव में सूखा पड़ा, जिससे इलाके के 997 किसानों की धान फसल बर्बाद हुई। तब भैयाथान के जिला सहकारी शाखा में इन किसानों के खातों में फसल बीमा योजना का 1.18 करोड़ रुपए पैसा भी आया। इसके बाद बैंक कर्मियों ने इलाके के दलालों की मदद से किसानों को गुमराह कर पैसा निकल लिया ।

कलेक्टर के आदेश पर किसानों के खातों से पैसा फर्जी तरीके से निकालने की जांच हुई। जांच में बैंक मैनेजर, कैशियर सहित चार अफसर दोषी पाए गए उनकी सेवा तक समाप्त हुई। तब के जिम्मेदार अफसरों ने आरोपियों से पैसे की वसूली कर किसानों के खाते में पांच दिनों में पैसा डालने का वादा किया, लेकिन अब पांच साल बीत जाने के बाद भी आज तक 172 से अधिक किसानों का करीब 50 लाख रुपए मुआवजा लंबित है। अब फिर से किसानों को अपने हक के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि हमारा पैसा दिला दो।
निकासी पर्ची (ड्रावल) में हस्ताक्षर कराकर जिस दिन पैसा आया उसी दिन खाते से पैसा निकाल लिया। जब कुछ जानकार किसानों को इसके बारे में पता चला तो अपना पासबुक लेकर बैंक पहुंचे और अपने खातों की डिटेल मांगी तो बैंककर्मी महीनों तक उन्हें गुमराह करते रहे। इसके बाद बड़ी संख्या में जब किसानों ने किसान नेता सुनील साहू के साथ हंगामा किया तब मामले का खुलासा हुआ।

भैयाथान से लगे खडगवां के कवेलापति पिता हीरा ने 14 एकड़ में धान की फसल लगाई थी, फसल अल्पवर्षा से नहीं हुई। लिहाजा बीमा के तहत उनके खाते में 1.59 लाख खाते में आए, पर बैंक कर्मियों ने निकाल लिए। अब तक कलेवापति 25 से अधिक बार बैंक पहुंच खाता चेक कर चुकी हैं लेकिन मुआवजा नहीं मिला। खड़गवां के सोपाटी लाल का 97000 रुपए का मुआवजा दलाल और बैंक के अफसर डकार गए। रूपनारायण की भी 12.5 एकड़ की फसल बर्बाद हुई लेकिन मुआवजा नहीं मिला।
नावापारा के रहने वाले आनंद राम पिता राम प्यारी का  31 एकड़ में लगा धान का फसल बर्बाद हुआ। बीमा कंपनी ने मुआवजा की राशि आनंद के खाते में 1.20 लाख रुपए दी भी, लेकिन बैंक कर्मियों ने फर्जी ड्रावल के जरिए पैसा निकाल लिए।। पांच साल बाद आनंद ने मुआवजे की राशि की उम्मीद ही छोड़ दी। वहीं ग्राम पंचायत बंजा के रहने वाले जय सिंह के खाते से ही धान का आया हुआ पैसा बैंक मैनेजर ने निकाल लिए। खड़गवां के हने वाले रामबहाल भी मुआवजे की राशि नहीं मिलने से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
172 किसानों के साथ धोखा: आंदोलन पर 5 दिन में पैसा लौटाने वादा पर 5 साल से खाते खाली

आपको बता दें कि किसानों को मुआवजा देने के लिए महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कोआपरेटिव बैंक के सीईओ सहित राज्य सरकार को तीन बार खत भी लिख चुकी है। इसके साथ ही तीन दिन पहले इलाके के किसान नेता सुनील साहू के साथ बड़ी संख्या में किसान अंबिकापुर पहुंचे और कोआपरेटिव बैंक के सीईओ से मुलाकात कर मुआवजा संबंधित दस्तावेज दिखा कर किसानों के खातों में जल्द ही मुआवजा देने की मांग की। साथ ही कहा कि कई किसान ऐसे हैं जिनका एक लाख रुपए से अधिक मुआवजा देना शेष है। मुआवजा नहीं मिलने से किसान बीमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।

शिविर में नहीं पहुंचे तो मान लिया नहीं हुआ है फर्जीवाड़ा :- किसानों के हंगामे के बाद जब 1.18 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया तो बैंक ने किसानों के खातों से निकलने वाले पैसे की जांच के लिए गांव-गांव में शिविर लगाए। जिन किसानों के खाते में पैसा आया और  तुरंत निकल गया है उन लोगों से आवेदन मंगाए। साथ ही सभी के हस्ताक्षर लिए। इधर, दलालों द्वारा निकासी पर्ची पर कराए गए हस्ताक्षर से मिलान किया। जिन लोगों के हस्ताक्षर मिल गए उसे फर्जीवाड़ा नहीं माना। साथ ही जिन किसानों के खातों में कम पैसा आया था और जो शिविर में नहीं पहुंचे, लेकिन उसके खाते से फर्जी तरीके से पैसा निकाला गया था, उसे भी बैंक ने फर्जीवाड़ा नहीं माना ।

पुराना मामला है, जल्द ही ठोस निर्णय होगा: सीईओ :- इस संबंध में कोऑपरेटिव बैंक अंबिकापुर के सीईओ एस.पी सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मामला पुराना है, फाइल मंगाकर देख रहा है। इसके लिए कलेक्टर से भी बात करूंगा। बैंक के बोर्ड ने निर्णय लिया है कि मामले में जो चार लोग दोषी पाए गए हैं उन सभी आरोपियों के राशि की रिकवरी होगी, इसके बाद किसानों के खातों में पैसा भेजा जाएगा। मामला अभी पेंडिंग हैं, लेकिन जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

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