लचर स्वास्थ्य व्यवस्था – ड्यूटी पर ना डॉक्टर न नर्स प्रसुता ने अस्पताल के फर्श पर दिया बच्चे को जन्म….
CG Samachar 24.in
संचालक :- दीपक गुप्ता…✍️
सूरजपुर :- जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में बीते शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया। दरअसल एक गरीब महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची थी। वह चार घंटे तक प्रसव पीड़ा में तड़पती रही, लेकिन अस्पताल में एक भी डॉक्टर, नर्स या अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं थे। अंतत: महिला को अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। उसने खुद ही फर्श को साफ भी किया।

पीड़ित महिला अपनी सास के साथ डिलीवरी कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव पहुंची थी। लेकिन वहां कोई डॉक्टर, नर्स व वार्ड ब्वॉय मौजूद नहीं थे। इसी दौरान भटगांव निवासी जितेंद्र जायसवाल भी अपने परिचित को रेबीज का इंजेक्शन दिलाने पहुंचे, लेकिन वहां भी कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं मिला।
लगातार 4 घंटे इंतजार के बाद महिला की डिलीवरी अस्पताल के फर्श पर हो गई। सबसे दर्दनाक दृश्य यह था कि खून से सने फर्श को महिला ने खुद साफ किया।

नवजात को किसी तरह बेड पर लिटाकर वह खुद जमीन पर बैठी रही। गनीमत रही की बच्चा – जच्चा दोनों स्वस्थ हैं
बताया जाता है कि करीब 4 घंटे बाद इमरजेंसी ड्यूटी की डॉक्टर साक्षी सोनी अस्पताल पहुंचीं और सफाई देते हुए बोलीं कि उन्हें तो सूचना ही नहीं मिली थी। वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शीला सोरेन ने मोबाइल फोन बंद कर रखा था और ड्यूटी से नदारद रहीं।
अस्पताल प्रभारी डॉक्टर रतन प्रसाद मिंज ने तो पत्रकारों को बेबस बयान देते हुए कहा मेरे बस में कुछ नहीं है। इस मामले को लेकर खंड चिकित्सा अधिकारी भैयाथान डॉक्टर राकेश सिंह ने जांच का आश्वासन दिया है।
विडंबना यह है कि यह स्वास्थ्य केंद्र भटगांव विधानसभा मुख्यालय में स्थित है और यहां की विधायक महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हैं। मंत्री के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल है तो दूरस्थ गांवों की स्थिति आसानी से समझी जा सकती है।
वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी सरगुजा संभाग से आते हैं, लेकिन संभाग के अस्पतालों की हालत ठीक नहीं है। आये दिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले सामने आते ही रहते हैं ।

